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अखिलेश की सुपरकॉप करेगी लखनऊ शहर की सुरक्षा

Thu, 20 Nov 2014 10:24 AM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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हैलो! मॉडर्न कंट्रोल रूम?
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जी, हां। मैं कहकहा बेगम बोल रही हूं।
मैडम, अलीगंज में अलीगंज में एक्सीडेंट हो गया है।
ठीक है, टीम पहुंच रही...।

फोन डिसकनेक्ट, कोई पूछताछ कोई अफरातफरी नहीं। मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी)पर हादसे की लोकेशन, फोन करने वाले का ब्यौरा नजर आने लगा। इधर कॉल टेकर ने अलीगंज एसओ और सीओ को सूचना दी और उधर सुपरकॉप पॉइंट्स पर हाजिर। फोन आने से लेकर घटना स्थल पर टीम पहुंचने की प्रक्रिया में महज आठ मिनट लगे।

घायल को प्राथमिक इलाज देने के साथ-साथ अस्पताल पहुंचा दिया गया। जी, हां अपराध हो या हादसें, लोगों को तत्काल मदद के लिए तैयार है मॉडर्न कंट्रोल रूम, जिसका उद्घाटन सीएम अखिलेश यादव ने बुधवार को किया।
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प्रभारी एएसपी दुर्गेश ने बताया कि शहर के 94 पॉइंट्स पर हाईटेक वाहन तैनात रहेंगे। हर तरह की शिकायतें दर्ज की जाएंगी। 30 टेलीफोन लाइनें एक साथ काम करेंगी। उन्होंने बताया कि अपराध, हादसों के अलावा अग्निकांड, सड़क जाम, एंबुलेंस सेवा, छेड़छाड़ की शिकायतें भी यहीं दर्ज कर कार्रवाई होगी।

ये है मॉडर्न कंट्रोल रूम की ताकत

22 इनोवा, 16 स्कार्पियो और नौ टाटा जियॉन के अलावा 47 बाइक कंट्रोलरूम से जुड़ी रहेंगी। इसमें शहीद पथ पर एक चार पहिया वाहन तैनात रहेगा जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मोहनलालगंज और गोसाईंगंज को एक-एक चार पहिया वाहन दिया गया है।

एएसपी ने बताया कि शेष क्षेत्रों के लिए वाहनों की व्यवस्था बाद में की जाएगी। उन्होंने बताया कि वाहन गोमतीनगर और विभूतिखंड थाना क्षेत्र को सबसे ज्यादा 15 वाहन दिए गए हैं। यह क्षेत्र वीवीआईपी हैं, इसलिए यहां विशेष निगाह रखी जानी है।

एएसपी ने बताया कि वाहनों में कैमरे, कंप्यूटर, जीपीएस, जीपीआरएस, स्ट्रेचर और माइक रहेंगे। हजरतगंज में बाइक पर महिला पुलिसकर्मियों का एक विशेष दस्ता रहेगा जो कंट्रोलरूम से अटैच होगा। इस दस्ते में सिपाही विद्योत्तमा और मीरा पटेल रहेंगी जो छेड़छाड़ व महिलाओं से संबंधित अपराधों पर नजर रखेंगी।

14 मिनट में 17 कॉल
कंट्रोलरूम एक माह से काम रहा है, लेकिन रिस्पांस टाइम की रिपोर्ट उद्घाटन के बाद बनना शुरू हुई। सीएम अखिलेश यादव शाम को ठीक 6.44 बजे कंट्रोलरूम में दाखिल हुए। वह कंट्रोलरूम से 6.58 बजे निकले। इन 14 मिनट में करीब 17 कॉल आईं, जिनका रिस्पांस टाइम अच्छा रहा।
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मुख्यमंत्री ने पूछा ‘कोई समस्या तो नहीं’

कॉल टेकर सिपाही अमित कुमार वर्मा से सीएम ने पूछा किस तरह की कॉल आती हैं। अमित ने बताया कि लड़ाई-झगड़े और एक्सीडेंट की कॉल ज्यादा आती है। सीएम ने पूछा कॉल रिसीव करने में कोई समस्या तो नहीं? अमित ने मुस्कुराते हुए सिर हिला दिया।

अगला सवाल था कि कॉल आने पर क्या करते हो? इस पर अमित ने बताया कि सभी कॉल के बारे में तत्काल संबंधित थाना के एसओ और सीओ को सूचना दे दी जाती है। साथ ही नजदीकी पुलिस कंट्रोल रूम वाहन को मौके पर पहुंचे का मैसेज भेजा जाता है, जहां से कार्रवाई शुरू होती है।

कॉल लेने से सीएम का इन्कार
सबकी इच्छा थी कि सीएम एक कॉल खुद अटेंड करें लेकिन उन्होंने साफ इन्कार कर दिया। प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल और फोटो जर्नलिस्ट ने उनसे कॉल सुनने की बात कही। सीएम बोले, ‘हमने ही कंट्रोल रूम शुरू कराया है। हम कॉल सुनकर क्या करेंगे।’
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