सूबे में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार की नजर प्रदेश के करीब दो लाख अप्रवासी भारतीयों पर टिक गई है।
शासन ने केंद्रीय अप्रवासी मामलों के मंत्रालय से सूबे के अप्रवासी भारतीयों की सूची मांगी है।
प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले एनआरआई की बड़ी तादाद को देखते हुए उनसे संपर्क बढ़ाने और सूबे की तरक्की में उनकी क्षमता के बेहतर इस्तेमाल की रणनीति पर जल्दी ही उच्चस्तरीय बैठक का प्रस्ताव है।
प्रदेश सरकार ने एनआरआई की समस्याओं के समाधान को लेकर हाल ही में उद्योग बंधु में एनआरआई सेल का गठन किया है। सेल को एनआरआई द्वारा किए जा गए निवेश व रोजगार से जुड़े ब्यौरे जुटाने हैं।
यह भी पता लगाना है कि किस जिले से कितने-कितने एनआरआई हैं?सेल विभिन्न विभागों से संपर्क स्थापित कर एनआरआई की समस्याओं का निराकरण कराएगा।
सेल ने केंद्रीय अप्रवासी मामलों के मंत्रालय से सूबे से ताल्लुक रखने वाले अप्रवासी भारतीयों की जानकारी मांगी तो इनकी तादाद करीब दो लाख बताई गई। अब उद्योग बंधु ने मंत्रालय से उनकी सूची उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
शासन इस प्रस्ताव पर भी गौर कर रहा है कि क्या एनआरआई की समस्याओं के समाधान को लेकर एनआरआई विभाग के गठन की आवश्यकता है?
उद्योग बंधु के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केरल व पंजाब जैसे राज्यों में इस तरह के विभाग हैं।
यहां भी सरकार अप्रवासी भारतीयों से बेहतर संबंध बनाने व निवेश बढ़ाने में उनके सहयोग को लेकर विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। जल्द ही इस संबंध में मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में बैठक का प्रस्ताव है।