समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया है। भाजपा के मंत्री, सांसद और विधायक तक सरकार में बेलगाम रिश्वतखोरी की शिकायतें कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय तक भ्रष्टाचार पहुंच गया है। राज्यपाल तक को इस संबंध में पत्र लिखना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, जनहित में भाजपा सरकार के विभागीय घपलों और भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से होनी चाहिए।
अखिलेश यादव शुक्रवार को जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि भाजपा ओबीसी आरक्षण में भ्रष्टाचार करना चाहती है। हमारी मांग है कि जनगणना के आधार पर आनुपातिक अवसर, सम्मान और अधिकार की व्यवस्था होनी चाहिए। अब तो आधार का आधार लेकर आसानी से जाति गणना हो सकती है।
कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। एम्बुलेंस है नहीं, बीमारों और मृत संबंधियों को ट्राली और कंधों पर लादकर ले जाते हुए लोग दिखाई पड़ते हैं। अस्पतालों में न दवाएं हैं और न हीं डाक्टर। एक्सरे, सीटी स्कैन, पैथालॉजी जांच आदि की व्यवस्थाएं फेल हैं।
स्कूलों में बच्चों को समय से किताबें, बैग, जूते-मोजे तक नहीं मिल पा रहे हैं, जो बांटे वे घटिया किस्म के थे। शिक्षा विभाग में अभी तबादलों का दौर जारी हैं। मंत्रियों के स्टाफ पर भी उंगली उठने लगी है। भाजपा के मंत्री अपने विभाग का कामकाज देखने की जगह खाली हुई पूर्व मुख्यमंत्रियों की बड़ी-बड़ी कोठियों के इंतजार में बैठे हैं।
सपा अध्यक्ष ने कहा, प्रदेश में विकास ठप्प है। समाजवादी सरकार की जनहित की योजनाएं बंद कर दी गई हैं। कानून व्यवस्था की हालत शोचनीय है। महिलाएं-बच्चियां असुरक्षित हैं। कच्ची शराब का धंधा फल-फूल रहा है, अवैध खनन पर रोक नहीं है। भाजपा बदले की भावना से काम करती हैं।
भाजपा ने समाज को बांटने का काम किया है। उसने अपने वादे नहीं निभाए। वादे के अनुसार न लैपटॉप दिया और नहीं डाटा फ्री किया।