यूपी में सियासत हर पल बदल रही है। जो लोग एक-दूसरे की खामियां गिनाते नहीं थक रहे, वे ही कुछ मामलों में एक साथ खड़े नजर आ रहे हैं।
ताजा मामला है अमित शाह और आजम खां की रैलियों ओर सभाओं पर चुनाव आयोग की ओर से लगे बैन का।
भाजपा और सपा दोनों ही एक-दूसरे को जिम्मेदार बता रही हैं, लेकिन चुनाव आयोग से सुनवाई की गुजारिश भी कर रही हैं।
भाजपा के बाद यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने भी रामपुर की एक जनसभा में मंच से ही आजम के बयान को सही ठहराते हुए चुनाव आयोग से उनके जवाब पर नरम रुख अपनाने की अपील भी की।
'आजम ने जो बोला, सही बोला'
एक तरफ जहां भाजपा ने अमित शाह पर लगे प्रतिबंध को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है और विवादित बयान को सही ठहराया है, तो अखिलेश ने भी अपने पुराने बयान से पलटी मार दी है।
पिता मुलायम के आजम के पाले में उतरने के बाद अखिलेश ने भी आजम का साथ दे डाला। साथ भी इस हद तक दिया कि जनसभा का बड़ा हिस्सा आजम को ही समर्पित कर डाला।
अखिलेश ने कहा कि अमित शाह को बैलेंस करने के लिए आजम पर लगया गया है और बोले कि आयोग को आजम के जवाब का इंतजार करना चाहिए।
अखिलेश ने आजम का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने भी कुछ भी बोला वो सही था। उन्होंने कहा कि आजम ने ईमानदारी से बयान दिया। अखिलेश ने आयोग से अपील की कि उन्हें आजम के जवाब पर विचार करना चाहिए।
मीडिया और मोदी पर किया प्रहार
प्रदेश की मीडिया पर हमला करते हुए अखिलेश ने कहा कि विकास की सबसे ज्यादा योजनाएं समाजवादी पार्टी चला रही है, लेकिन मीडिया ने इसे कभी नहीं दिखाया।
दूसरी तरफ, अगर सपा से जरा-सी भी गलती हो जाए तो उसे तुरंत ही टीवी और अखबारों में जगह मिल जाती है।
अखिलेश ने बीजेपी पर सबसे ज्यादा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये पार्टी देश को गुमराह कर रही है। अखिलेश ने कहा कि हम विकास में आगे हैं, और वे प्रचार करने में आगे हैं।
उन्होंने कहा कि जब विकास की आई तो बीजेपी वाले पीछे हट गए और उन्होंने आसान रास्ता चुन लिया। उन्होंने लोगों को धर्म और जाति के आधार पर बांटना शुरू कर दिया। अखिलेश ने कहा कि धर्म की ठेकेदारी करने वाली अगर कोई पार्टी है, तो वह भाजपा ही है।
'सोचिए, किसने बदला महादेव का नारा'
रैली में लोगों को समझान के लिए अखिलेश ने भी महादेव का सहारा ले लिया। उन्होंने रैली में मौजूद लोगों से कहा, 'आप लोग खुद ही सोचिए कि हर हर महादेव का नारा किसने बदला।'
अखिलेश ने कहा कि ये लोग प्रचार में हजार करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक होना आसान है, लेकिन सेक्युलर होना काफी मुश्किल। जब आप सेक्युलर होते हैं तो आपसे हजार तरह के सवाल पूछे जाते हैं।
अखिलेश यहीं नहीं रुके। उन्होंने लोगों से कहा कि आप लोग ये बात ध्यान में रखिएगा कि देश में कोई पार्टी भाजपा का सामना कर सकती है तो वो सिर्फ सपा ही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले लोग हमारे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। ये साजिशें इसलिए हो रही हैं क्योंकि हमारी ताकत बढ़ रही है और लोग हमें कमजोर करना चाहते हैं।