उपचुनाव में सपा के जबरदस्त जीत दर्ज करने से उत्साहित मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा और खुद को अमन की राजनीति करने वाला बताया।
जीत के बाद अखिलेश ने कहा कि वक्त आ गया है जब सांप्रदायिक ताकतों को सबक लेना चाहिए कि जनता अमन चाहती है।
अखिलेश बोले, जनता उनके नापाक इरादों को बर्दाश्त नहीं करेगी। मतदाताओं ने सांप्रदायिक ताकतों को नकारते हुए सपा की विकास की राजनीति में विश्वास व्यक्त किया।
सिर्फ तीन सीटें ही जीत सकी भाजपा
यूपी में 2017 की सत्ता के सेमीफाइनल माने जा रहे उपचुनावों में भाजपा औंधे मुंह गिर गई। राज्य में पार्टी ने सात सीटें गंवा दी। एक सीट इसकी सहयोगी पार्टी अपना दल ने गंवाई।
इन पर सपा के उम्मीदवार जीते। जो तीन सीटें भाजपा बचा सकी, उसमें भी उसकी जीत का अंतर बहुत ज्यादा नहीं रहा। भाजपा को लखनऊ, नोएडा और सहारनपुर में जीत हासिल हुई। नोएडा में विमला बाथम 58952 मतों से विजयी रहीं।
यूपी में बसपा उम्मीदवारों के मैदान में न रहने से भाजपा और सपा के उम्मीदवारों में सीधी टक्कर थी। यूपी में अपनी जीत से सपा को लोकसभा में मिले भारी झटके से राहत मिली है और इससे वह उत्साहित है।
भाजपा को पश्चिम बंगाल में मिली सफलता
कांग्रेस और सपा ने भाजपा की हार को सांप्रदायिक ताकतों की हार करार दिया है। उनका कहना है कि लोगों ने भाजपा के ध्रुवीकरण की राजनीति को नकार दिया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में एंट्री, भाजपा के लिए एक मात्र राहत की बात रही। यहां बशीरहाट सीट से भाजपा के समिक भट्टाचार्य ने जीत हासिल की है।
माकपा ने त्रिपुरा में एक सीट जीती है, जबकि सिक्किम में एक सीट निर्दलीय को मिली है। राजस्थान में भाजपा चार में से तीन सीटें हार गई। विश्लेषकों का कहना है कि जनता वसुंधरा के घमंड का बदला ले रही है।
गुजरात में कांग्रेस, भाजपा से तीन सीटें जीतने में कामयाब रही है। यूपी (11 सीटें), गुजरात ( नौ सीटें) और राजस्थान (चार सीटें) में जिन सीटों के लिए उपचुनाव हुए उन पर भाजपा का कब्जा था।