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यूपी में बिजली मीटर से नहीं कटिया से चलती हैः अखिलेश

Sun, 21 Dec 2014 10:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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शिक्षकों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पूरी तरह से शिक्षक की भूमिका में नजर आए। केंद्र पर निशाना साधा तो अपनों को भी नसीहत देने में पीछे नहीं रहे।
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उन्होंने कहा, यदि सरकारें ठीक रास्ते पर नहीं चलेंगी, जनता की उम्मीदों के हिसाब से काम नहीं करेंगी, तो युवा उन्हें बदल देंगे।

उन्होंने अपनों को भी सतर्क करने वाले अंदाज में कहा, काम करने के साथ उसे जनता के बीच पहुंचाने की जरूरत है। यदि इसमें नाकाम रहे तो यह बदलाव किसी के भी पक्ष में जा सकता है।

मुख्यमंत्री शनिवार को अपने सरकारी आवास पर शिक्षकों के सम्मान व माध्यमिक स्कूलों के शिलान्यास व उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा, एक सरकार ऐसी आई जिसने कहा कि बिजली 24 घंटे देंगे। रोजगार सबको देंगे। उन्हें नहीं पता था कि यूपी में बिजली मीटर से नहीं, कटिया से जलती है।
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यदि सरकारें ठीक रास्ते पर नहीं जाएंगी, हम लोग उन्हें समझाने में कामयाब नहीं हुए, तो उनका एक वोट बदलाव का भी काम करेगा। वह किसी के भी पक्ष में पड़ सकता है।
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पंडित सिंह ने किया भाजपा पर हमला

माध्यमिक शिक्षा के दूसरे राज्यमंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ ‘पंडित सिंह’ ने कहा कि बसपा सरकार में दो से पांच लाख रुपये में मान्यता बिकती थी। छत हो या नहीं, जमीन हो या नहीं बस पैसे की बात होती थी।

वहीं भाजपा शासनकाल में सरस्वती शिशु मंदिरों के अलावा दूसरे स्कूलों को मान्यता ही नहीं मिलती थी। इन्हें मान्यता देकर दंगा-फसाद और धर्म-जाति की आग में धकेलने वाले तैयार किए जाते हैं। उन्होंने लैपटॉप व कन्या विद्याधन की योजनाओं को फिर से शुरू करने की मांग की।

जो मुद्दे कल तक हमारे पास थे, आज विपक्ष के पास
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार स्टाइल पर चुटकी लेते हुए कहा,आज केवल सपने का जमाना नहीं रहा, ‘डिजाइनर ड्रीम’ का जमाना आ गया है।

सड़क, बिजली, पानी, रोजगार, पढ़ाई जैसे जो मुद्दे कल तक हमारे पास थे आज विपक्ष के पास हैं। कल वो किसी और के पास हो सकते हैं। ऐसे में सरकार को काम करने के साथ मार्केटिंग का भी सहारा लेना पड़ेगा।

लोगों को बताना पड़ेगा कि सरकार ने एक्सप्रेस-वे, बेरोजगारी भत्ता, लैपटॉप व विद्याधन देने का काम किया है। काम का महत्व व फायदे भी बताने होंगे।
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