अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा पर पाबंदी के बाद माहौल सामान्य बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रशासनिक तैयारियों के साथ ही पार्टी स्तर पर भी प्रयास शुरू कर दिए हैं।
शुक्रवार को उन्होंने अवध क्षेत्र के छह जिलों के विधायकों को हालात पर नजर रखने के लिए अलर्ट किया। विधायकों को कहा गया है कि वे अपने क्षेत्रों में बने रहें और बाहरी लोगों की आवाजाही पर नजर रखें।
अखिलेश यादव ने कालीदास मार्ग स्थित निवास पर 84 कोसी परिक्रमा के दायरे में आने वाले फैजाबाद, बाराबंकी, अंबेडकरनगर, गोंडा, बहराइच और बस्ती के विधायकों, मंत्रियों के साथ बैठक की।
उन्होंने परिक्रमा पर पाबंदी के बाद के हालात पर उनका फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिक्रमा के पीछे उद्देश्य धार्मिक नहीं, राजनीतिक है। इसे लेकर विहिप से कोई बात नहीं होगी।
सभी जिलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। उन्होंने विधायकों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में रहें। विहिप की किसी भी गतिविधि पर उत्तेजित न हों। कोशिश करें कि टकराव की स्थिति पैदा न हो। किसी भी कीमत पर माहौल खराब न होने पाए।
सूचना मिले तो तुरंत मौके पर पहुंचें
मुख्यमंत्री ने कहा कि विहिप कुछ लोगों को बाहर से लाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकती है। ऐसे लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जाए।
कस्बे और गांव स्तर पर कार्यकर्ताओं को बता दें कि उनके आसपास बाहरी लोग ठहरते हैं तो इसकी तत्काल जानकारी दें। सांप्रदायिक ताकतें अफवाहों का भी सहारा ले सकती हैं।
लोगों से कहें कि वे किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। क्षेत्र में कहीं से भी सूचना मिले तो तुरंत मौके पर पहुंचें और संवेदनशील स्थानों पर खास सतर्कता बरतें।
विधायकों ने दिया फीडबैक
विधायकों ने कहा कि विहिप की परिक्रमा को आम लोगों का कोई समर्थन नहीं है। वे समझ रहे हैं कि इसके पीछे विहिप के अभियान के पीछे राजनीतिक मंशा छिपी हुई है।
विहिप और आरएसएस से जुड़े मुट्ठी भर लोग दूसरे राज्यों से लोगों को लाकर कुछ जगह माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं लेकिन सपा कार्यकर्ता उनसे मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे।