अधिक किराया वसूली को लेकर एआरटीओ की कार्रवाई के विरोध में चौक से निशातगंज जाने वाले मार्ग पर शुक्रवार को टैंपो चालकों ने चक्का जाम कर हड़ताल की।
चालकों ने उप संभागीय परिवहन अधिकारी पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए निर्धारित किराया दर को घटाए जाने का विरोध किया।
मालूम हो कि ट्रांस गोमती क्षेत्र से पुराने लखनऊ को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग है। चौक में मेडिकल कॉलेज होने के कारण टैंपो चालकों की हड़ताल से सर्वाधिक समस्या मरीजों व तीमारदारों को उठानी पड़ी।
टैंपो का संचालन न होने से उन्हें धूप में सड़क के किनारे घंटों वाहनों की प्रतीक्षा करनी पड़ी। इस मार्ग पर एआरटीओ प्रशासन ने गुरुवार को सघन चेकिंग अभियान चलाया था।
जिसमें बड़ी संख्या में अधिक सवारी बैठाए जाने के आधार पर चालान किया था। सवारियों से वसूले जा रहे किराए के बारे में भी जानकारी की थी। चौक से निशातगंज तक का किराया आठ रुपये प्रति टैंपो चालक ले रहे थे।
जबकि एआरटीओ आरपी सिंह का कहना है कि चौक से निशात गंज तक किराया छह रुपये निर्धारित किया गया था। अधिक किराया वसूले जाने पर एआरटीओ प्रशासन ने एतराज जताया था।
आंदोलित टैंपो मालिक व चालकों में प्रदीप कुमार, पप्पू, नूरबाबा, जुम्मन का कहना है कि हाल ही में सीएनजी की दर बढ़ने केबाद इस मार्ग पर किराया आठ रुपये कर दिया गया थ।
जबकि 17 अगस्त को इस मार्ग का किराया नौ रुपये निर्धारित किए जाने की बात पता चली। आमतौर पर लखनऊ के सभी मार्ग पर टैंपो का किराया बढ़ा है।
जबकि एआरटीओ ने इस मार्ग पर किराया बढ़ोत्तरी को नाजायज बताया। जबकि सीएनजी गैस महंगी होने के कारण टेंपो चालकों को घाटा वहन करना पड़ रहा है।