तेजी से बदले राजनीतिक घटनाक्रम के तहत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद तीन दिन से कोपभवन में बैठे आजम खां की ‘तबीयत’ ठीक होती नजर आई।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को करीब सवा चार बजे अचानक आजम खां के सरकारी निवास 3 विक्रमादित्य मार्ग पहुंचे।
‘बीमार’ आजम ने हल्की मुस्कुराहट के साथ पोर्टिको आए और मुख्यमंत्री की अगवानी की। इसके बाद दोनों के बीच एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई। इसके बाद आजम का यादव परिवार से विवाद समाधान की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
आजम का मिजाज समझने वाले एक राजनेता का दावा है स्थितियां सकारात्मक दिशा की ओर जा रही हैं। अगर आजम को इस मुलाकात को लेकर कोई आपत्ति होती तो वे मुस्कुराते हुए पोर्टिको में मुख्यमंत्री का स्वागत नहीं करते।
बातचीत का दौर भी एक घंटे से ज्यादा नहीं चलता। यही नहीं, मुख्यमंत्री से मुलाकात में दिलचस्पी न होती तो उनके आने की भनक मिलते ही आजम किसी गुमनाम ठिकाने पर चले जाते। अखिलेश व आजम के बीच क्या बातचीत हुई इसका खुलासा किसी पक्ष ने नहीं किया।
माना जा रहा है कि अखिलेश ने मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों पर कार्रवाई, रामपुर में तैनाती न लेने वाले अफसरों पर सख्ती के सिलसिले में आजम खां को सकारात्मक आश्वासन दिया। साथ ही विधानसभा सत्र में सरकार क्या रणनीति अपनाएगी, इस पर भी विमर्श हुआ।
फटकारा, पुचकारा फिर मनाया
दरअसल पूरे प्रकरण में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक कौशल काम आया। वे आजम की रग-रग पहचानते हैं।
आगरा में इस्तीफा मंगवाने व साथ ही पुचकारने के साथ, दूसरे ही दिन अखिलेश को उनके घर भेजना उनकी रणनीति का हिस्सा था।
इस उठापटक की रणनीति से आजम भी थोड़ा दबाव में आए और संवादहीनता का दौर खत्म हुआ। अखिलेश ने जब पहल कर मुलाकात के लिए घर आने को कहा तो आजम ना नहीं कह सके।
सियासी जरूरत का साथ
दरअसल मुलायम व आजम को एक दूसरे की जरूरत हैं। आजम सपा के सिवा किसी दूसरे दल में खप नहीं सकते।
वहीं मुलायम को अपने आधार बोट बैंक को बनाए रखने के लिए आजम जैसे फायरब्रांड नेता की जरूरत हमेशा रहेगी। इसलिए अक्सर मतभेद हो जाने के बाद भी एक-दूसरे के करीब आना दोनों की मजबूरी भी है।
आजम ने फाइलें निपटाईं
शुक्रवार को आजम खां ने नगर विकास विभाग की फाइलें भी निपटाई। विभाग के कुछ अफसर फाइलों के साथ आजम के आवास पर मौजूद थे।
मुख्यमंत्री के पहुंचने पर अफसर कमरे से बाहर निकल आए थे। मुख्यमंत्री के जाने के बाद इन अफसरों ने विभागीय मंत्री से कुछ निर्देश लिए।