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सख्ती के चलते लखनऊ में कम हुआ वायु प्रदूषण, यूपीपीसीबी के अफसर बोले...

Sat, 31 Oct 2020 05:29 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रेस क्लब के पास सड़क से उड़ती धूल। - फोटो : अमर उजाला
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पानी के छिड़काव, धूल रोकने के उपाय से शुक्रवार को वायु प्रदूषण कुछ कम हुआ। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शुक्रवार को घटकर 219 हो गया। 28 अक्तूबर तक यह 300 के ऊपर था। यूपीपीसीबी के अधिकारियों का दावा है कि रिस्पॉन्स ग्रेडेड एक्शन प्लान पर काम शुरू कराने से प्रदूषण में कमी आई है। ऐसे में 48 घंटे पहले बहुत खराब हो चुकी हवा कुछ बेहतर होकर खराब की श्रेणी में है।
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हवा के लगातार बहुत खराब बने रहने से यूपीपीसीबी सहित रिस्पॉन्स ग्रेडेड एक्शन प्लान से जुड़े विभागों के ऊपर सवालिया निशान खड़े हो रहे थे। क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन का कहना है कि एक्शन प्लान पर काम शुरू करने के बीच दो दर्जन से अधिक बिल्डरों को चेतावनी दी गई है।

वहीं, तालकटोरा की फैक्ट्रियों का औचक निरीक्षण कर वहां धूल व धुएं के निस्तारण की जांच की गई। कई में कमियां मिलीं। उन्हें प्लांट ठीक करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। टीम दोबारा इनकी जांच करेगी। वहीं, तालकटोरा, लालबाग में एक्यूआई अब भी दूसरे इलाकों की तुलना में बढ़ा हुआ है। गोमतीनगर में एक्यूआई 300 के ऊपर तक पहुंच गया था। शुक्रवार को यहां हवा सुधरी हुई मिली। इससे एक्यूआई 100 के नजदीक तक आ गया।
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एक्यूआई का हाल

तारीख         एक्यूआई
30 अक्तूबर    219
29 अक्तूबर    270
28 अक्तूबर    326
27 अक्तूबर    333
26 अक्तूबर    334
तालकटोरा, लालबाग    की हवा सबसे खराब 
लोकेशन         एक्यूआई
तालकटोरा     286, खराब
लालबाग        278, खराब
अलीगंज        200, सुधरी हुई
गोमतीनगर    108, सुधरी हुई
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...मगर घटने से पहले सांस के रोगी बढ़ा गया प्रदूषण

कम होने से पहले प्रदूषण राजधानी में सांस के मरीज बढ़ा गया। धुंध के चलते धूल के कण वातावरण की निचली सतह पर ही हैं। इससे केजीएमयू, बलरामपुर, सिविल, लोहिया समेत निजी अस्पतालों की ओपीडी में सांस के मरीजों की संख्या में भी 20 फीसदी से अधिक का इजाफा हो गया है।

केजीएमयू में रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि ओपीडी में ऑनलाइन 50 नए मरीजों का पंजीकरण हो रहा है। इनमें से 20 प्रदूषण की वजह से बीमार हो रहे है। सांस की नली में सूजन व फेफड़े में संक्रमण का पता चल रहा है। उन्होंने सांस के रोगियों को ठंडी चीजों के सेवन से बचने व गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी।

बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि ओपीडी में पहले 100 से अधिक मरीज आ रहे थे। बीते कुछ दिनों में इनकी तादाद 130 से अधिक हो गई है। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके नंदा ने बताया कि ओपीडी में पहले से 20 प्रतिशत अधिक मरीज आ रहे हैं। ओपीडी में सुबह से ही लंबी कतार लग जाती है।
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