अपने माता-पिता के साथ उज्ज्वल पाठक
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वहीं, 174वीं रैंक पाने वाले उज्ज्वल पाठक का कहना है कि मैंने अपने टाइम टेबल में हर विषय को बराबर महत्व दिया। इसका नतीजा हुआ कि मुझे हर विषय में अच्छे नंबर मिले। इसी वजह से मैं नीट के बाद एम्स में अच्छे नंबर ला सका। मेरे पिता डॉ. ओम प्रकाश पाठक बाल रोग विशेषज्ञ और मां किरण पाठक टीचर हैं। मैं न्यूरोसर्जन बनना चाहता हूं।
545वीं रैंक हासिल करने वाली आफरीन रहमान का कहना है कि मेरी मां का स्वर्गवास कुछ साल पहले हो गया था। वे चाहती थीं कि मैं डॉक्टर बनूं। अब मैं डॉक्टर बनकर उनका सपना पूरा करना चाहती हूं। मेरे पिता अब्दुल रहमान इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। मैंने लॉरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज से 98.25 प्रतिशत अंक के साथ इंटरमीडिएट पास किया है। मेरी सफलता के पीछे शिक्षकों का बड़ा योगदान है।