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रहस्यमयी बीमारी से 96 और बीमार पड़ने से हड़कंप, केजीएमयू को दिमागी बुखार होने का शक

Tue, 19 Jun 2018 01:14 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुर्तजापुर में में बनाए गए अस्थायी अस्पताल में होता इलाज। - फोटो : amar ujala
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लखनऊ के नगराम के मुर्तजापुर में फैली रहस्यमयी बीमारी के रहस्य से पर्दा उठने लगा है। प्राथमिक जांच के आधार पर केजीएमयू की टीम ने जेई-एईएस की आशंका जताई है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि दो से तीन दिन में जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह साफ होगी। इस बारे में केजीएमयू प्रशासन ने चिकित्सा महानिदेशक व सीएमओ को रिपोर्ट भेज दी है। वहीं, सोमवार को 96 और मरीज सामने आए। बीते तीन दिन में मरीजों का आंकड़ा 196 तक पहुंच गया है।

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बीमारी का पता लगाने में नाकाम स्वास्थ्य विभाग ने केजीएमयू से मदद मांगी थी। रविवार को केजीएमयू के डॉक्टरों की टीम मुर्तजापुर गई थी। वहां पीड़ितों के लार, खून व मूत्र के नमूने लिए गए थे। केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार ने बताया कि टीम ने गांव के हालात पर बारीकी से अध्ययन किया। डॉ. शंखवार का कहना है कि गांव में संक्रामक बीमारी फैली है, लेकिन जिन बच्चों की मौत हुई है, उसकी वजह दिमागी बुखार माना जा रही है। ब्लड रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह से साफ हो जाएगी।

...पर निपाह वायरस की आशंका खारिज की
मुर्तजापुर में मौत और बीमार लोगों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग को डर था कि कहीं गांव में निपाह वायरस तो नही फैल गया। केजीएमयू की टीम ने इस पहलू से भी जांच पड़ताल की। सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार का कहना है कि जांच में निपाह के लक्षण नहीं मिले हैं।
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छह लोगों के लिए गए नमूने
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम अर्जुनपुर गांव पहुंची। यहां लोगों के इलाज के बारे में जानकारी ली। पहले और अब के हालात पर बातचीत किया। जांच पड़ताल के दौरान छह लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया। बीमार लोगों को दवाएं बांटी गईं। टीम में एसीएमओ डॉ. आरवी सिंह, सीएचसी नगराम अधीक्षक डॉ. कैलाश बाबू समेत 11 लोग शामिल थे।

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दहशत बरकरार, चार को टायफाइड की पुष्टि

- फोटो : amar ujala
मुर्तजापुर में बीमारी को लेकर दहशत बरकरार है। रविवार को जिनके नमूने लिए गए थे, उनमें से चार में टायफाइड के लक्षण मिले हैं। दम तोड़ने वाले लोगों के परिवार वालों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित रूप से निगरानी रख रही है। परिवार में किसी के भी बीमार होने की स्थिति में तुरंत उनकी जांच कराई जा रही है। अस्थाई चिकित्सा शिविर मे विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीजों के पंजीकरण का सिलसिला जारी है।

सोमवार के दिन अस्थाई शिविर में सीमा (18),बेलापति (78), राम शंकर (45),सुमन (22), सुंदारा (70), रघुनंदन (50), संतोष कुमारी (36),सरिता (30) सहित कुल 96 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें सीमा व संतोष कुमारी को शिविर मे भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। वहीं खरगी पुर गांव के उदय शंकर की लड़की सुचैना भारती का सिविल अस्पताल मे इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत में सुधार है। शिविर में एसीएमओ डॉ. आरबी सिंह, एसीएमओ डॉ. संजय कुमार व पीएचसी प्रभारी नगराम डॉ. राजेश सिंह मौजूद थे।

बड़ा सवाल : पांच मौतों का जिम्मेदार कौन?
रहस्यमयी बीमारी के नाम पर पांच लोगों की नगराम के मुर्तजापुर में मौत हो गई। स्वास्थ्य महकमा सिर्फ दवाओं की छिड़काव व वितरण ही कराता रहा। पांच की मौत हो जाने के बाद केजीएमयू की टीम का सहयोग मांगा। यदि पहले ही यह कदम उठा लिया होता तो संभव था कि बीमारी का पता पहले लगाया जा सकता और मरीजों को मौत से बचाया जा सकता था।

जेई से युवक की मौत से भी नहीं लिया सबक
बीते दिनों चिनहट मटियारी स्थित कंचनपुर निवासी आशुतोष की जेई की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। इस साल छह लोग इसकी चपेट में आए व 116 में एईएस के लक्षण मिले। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमा नहीं जागा। यदि उसी वक्त हालात की गंभीरता समझ गए होते तो पांच की जान बच जाती।
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