फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी के इन 8 डॉक्टरों को बर्खास्त करेंगे स्वास्थ्य मंत्री

Mon, 27 Apr 2015 03:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर अस्पताल के निदेशक और सीएमएस के हटाए जाने के बाद अब बारी कुछ डॉक्टरों की है। वहीं डफरिन अस्पताल के एसआईसी पर गाज गिर सकती है। स्वास्थ्यमंत्री ने कहा कि ऐसे डॉक्टरों को चिन्हित किया जा रहा है जो बाहर से जांच और दवा लिखकर सरकार के खिलाफ काम कर रहे हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि ऐसे आठ डॉक्टरों को चिन्हित कर लिया है और जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है। स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने पोलियो अभियान के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि सरकारी अस्पतालों में सभी तरह के जांच और दवा की सुविधा है।

जो दवा या जांच नहीं है वह केजीएमयू और लोहिया संस्थान से कराई जाए। बाहर से दवा और जांच लिखने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। आंख के ऑपरेशन पर उन्होंने गंभीरता से कहा कि डॉक्टर बाहर से दवा और लेंस मंगा रहे हैं।
विज्ञापन


जबकि ये रोगी कल्याण समिति से मंगाया जा सकता है। ऐसे सर्जन डॉक्टरों की भी तलाश जारी है, जो मरीजों को कमाई का जरिया बना चुके हैं।

स्वास्‍थय मंत्री बोले, बेलगाम हो गए हैं डॉक्टर

सिविल अस्पताल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अस्पताल के ऑर्थो सर्जन बेलगाम हो गए हैं और ऐसे डॉक्टरों की पहचान कर उनका तबादला किया जाएगा, जिससे अस्पताल में अव्यवस्था को कम किया जा सके।

प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अरविंद कुमार ने कहा कि किसी डॉक्टर को किसी तरह की परेशानी है तो वो सीधे उसकी शिकायत डीजी हेल्थ और प्रमुख सचिव से करे।

स्वास्थ्मंत्री अहमद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि डफरिन अस्पताल में महिला मरीज तबस्सुम से मारपीट करने के  मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिला अस्पताल के एसआईसी पुरूष हैं।

इसे देखते हुए उनको वहां से हटाया जाएगा। उनका कहना था कि पुरूष सुपरिटेंडेंट इन चीफ होने की वजह से महिला मरीज अपनी शिकायत या परेशानी उनको नहीं बता पाती हैं। इसे देखते हुए डॉ. पीके पाठक को एसआईसी के पद से हटाया जाएगा और किसी महिला डॉक्टर को एसआईसी का चार्ज दिया जाएगा।
विज्ञापन

प्राइवेट अस्पतालों पर भी कसो नकेल

वहीं स्वास्थ्य विभाग के एक आला अधिकारी की माने तो अस्पताल में प्रसूता से मारपीट के मामले से स्वास्थ्य मंत्री काफी नाराज है। भीतर ही भीतर इस मामले की जांच शासन स्तर पर चल रही है और जल्द ही एसआईसी को हटाने का निर्देश जारी हो सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों से बदसलूकी करने वाले किसी डॉक्टर या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने एक सवाल के जवाब में सीएमओ से कहा कि प्राइवेट अस्पतालों पर भी नकेल कसो। उन्होंने कहा कि तेलीबाग के जावित्री अस्पताल में एक सप्ताह में चार बच्चों की मौत के मामले में क्या हुआ?

तो सीएमओ ने कहा कि मामले की जांच चल रही है औरअस्पताल को नोटिस जारी किया गया है। इसी तरह अन्य प्राइवेट अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा।

मालूम हो कि सीएमओ ने जावित्री अस्पताल को नोटिस जारी कर पांच बिंदुओं पर जवाब तलब किया था, लेकिन एक महीना गुजर जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें