मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे अगले महीने से रफ्तार पकड़ेगा।
कुछ जिलों में भूमि अधिग्रहण में आ रही बाधा दूर हो जाने के बाद यूपीडा नवंबर के पहले सप्ताह से एक्सप्रेस-वे का काम शुरू कराने की तैयारी में जुटा है।
इसके निर्माण के लिए चुनी गई पांचों कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी कर दिया गया है और अगले सप्ताह तक इनके साथ अनुबंध की औपचारिकता भी पूरी कर ली जाएगी।
निर्माणकर्ता कंपनियों को निर्माण लागत का पांच फीसदी पहली किस्त के भुगतान के लिए वित्त विभाग से 450 करोड़ रुपये मांगे गए हैं।
यूपीडा ने वित्त विभाग भेजा प्रस्ताव
इसके लिए यूपीडा ने प्रस्ताव तैयार करके वित्त विभाग को भेज दिया है। गौरतलब है, हाल ही में टेंडर प्रक्रिया पूरी करके पांच हिस्सों में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए पांच कंपनियों का चयन किया गया था।
कैबिनेट ने इन कंपनियों के साथ होने वाले एग्रीमेंट के लिए करार पत्र के मसौदे को भी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद एक अक्तूबर को सभी पांच कंपनियों को एलओआई जारी कर दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि एग्रीमेंट के साथ ही काम शुरू कराने के लिए कंपनियों को पांच फीसदी धनराशि के साथ 70 फीसदी भूमि दी जानी है।
भूमि अधिग्रहण की प्रकिया हुई तेज
इटावा, मैनपुरी व फीरोजाबाद में भूमि अधिग्रहण में कुछ दिक्कत आ रही थी जो दूर हो गई है। इन जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है।
परियोजना के लिए काश्तकारों की 66 फीसदी जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई है। सरकारी भूमि को मिलाकर 70 फीसदी से ज्यादा भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
इसलिए अब निर्माण कार्य शुरू कराने में कोई बाधा नहीं रह गई है। अधिकारियों के मुताबिक 301.3 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर कराया जाएगा।
11,526.73 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
आगरा से फीरोजाबाद, फीरोजाबाद से इटावा, इटावा से कन्नौज, कन्नौज से उन्नाव और उन्नाव से लखनऊ के बीच एक्सप्रेस-वे बनाने का काम पांच अलग-अलग कंपनियों को सौंपा गया है।
इस पर 11,526.73 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अनुबंध की तिथि से तीन साल के भीतर इन्हें निर्माण पूरा करना होगा।
यूपीडा के चेयरमैन व सीईओ नवनीत सहगल के मुताबिक इस महीने तक कंपनियों के साथ एग्रीमेंट समेत सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी और नवंबर के पहले सप्ताह में काम शुरू करा दिया जाएगा।