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फिर अटका सीएम अखिलेश का ड्रीम प्रोजेक्ट!

Sun, 21 Dec 2014 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहीत जमीन का निबंधन प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन गया है। चिह्नित पांच गांव के अधिकांश काश्तकार सरकार के घोषित मुआवजा राशि हाथ में आने के बाद ही अधिग्रहीत जमीन की निबंधन प्रक्रिया पूरी कराने पर अड़े हैं।
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इसके चलते ही काकोरी ब्लॉक के आधा दर्जन से अधिक गांवों में एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहीत करीब 28.62 हेक्टेयर जमीन का निबंधन अटका पड़ा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा एक्सप्रेस-वे के लिए काकोरी ब्लॉक के 13 गांवों की जमीन चिह्नित की गई थी।

चिह्नित गांवों में से आठ गांवों के एलडीए परिक्षेत्र में चिह्नित होने के कारण वहां के काश्तकारों को इसके लिए प्रति बीघा 50 लाख रुपया मुआवजा राशि दी गई। वहीं इससे सटे पांच गांवों के एलडीए के क्षेत्र से बाहर होने के कारण मुआवजा राशि 16 लाख प्रति बीघा तय हुई थी।
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सीएम हो सकते हैं नाराज

इससे कम मुआवजा राशि वाले पांच गांवों के काश्तकारों ने मुआवजा राशि एक समान न किए जाने तक निबंधन रोक दिया था। काश्तकारों की नाराजगी के बाद शासन ने बीते माह विकास क्षेत्र सीमा से बाहर काकोरी ब्लॉक के चिह्नित आदमपुर इंदरवारा, बहरू, रेवरी व गहलवार गांवों को विकास प्राधिकरण सीमा क्षेत्र में शामिल करते हुए अधिग्रहीत जमीन की प्रति बीघा मुआवजा राशि को पचास लाख किए जाने का ऐलान किया गया था।

मुआवजा राशि बढ़ाए जाने की घोषणा के बाद भी चिह्नित पांच गांवों के करीब 55 काश्तकारों की अधिग्रहीत 28.6284 हेक्टेयर जमीन में से मात्र आठ किसानों ने ही एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के तहत अपनी जमीन का निबंधन कराया है जबकि बाकी काश्तकार घोषित मुआवजा राशि हाथ में आने के बाद ही निबंधन कराने की जिद पर अड़े हैं। इससे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू होने में हो रही देरी के कारण जिला प्रशासन व निबंधन विभाग को सीएम की नाराजगी की चिंता परेशान करने लगी है।
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