मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे से काकोरी ब्लॉक के 13 गांव जुड़ेंगे। इस सिक्स लेन रोड के घेरे में आने वाले इन गांवों की जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया जून के अंत तक शुरू हो जाएगी।
शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इन ग्रामों का राजस्व सर्वेक्षण करा जमीन अधिग्रहण की कवायद शुरू कर दी है।
इसके लिए सदर तहसील के एसडीएम की अगुवाई में एक निरीक्षण टीम गठित की गई है।
यह टीम राजस्व कर्मियों की टीम के साथ एक पखवारे में चिह्नित ग्रामों में एक्सप्रेस-वे निर्माण क्षेत्र में आने वाली जमीनों की नाप-जोख करेगी।
इसके साथ ही काश्तकारों की मुआवजा राशि भी तय करेगी। शासन से बीते सप्ताह आए निर्देश के बाद लखनऊ से आगरा तक इस एक्सप्रेस-वे को बनाने की कार्ययोजना ने तेजी पकड़ी है।
एडीएम प्रशासन राजेश पांडेय ने बताया कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट के ब्लू प्रिंट के आधार एक्सप्रेस-वे के दायरे में आने वाले गांवों की ग्राम समाज व किसानों के स्वामित्व वाली जमीन के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है।
इसके आधार पर सदर तहसीलदार और एसडीएम सदर के स्तर पर एक पखवारे में सर्वे कार्य पूरा कराने के साथ ही राजस्व टीमों से जमीन की नाप-जोख कर अधिग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया को पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार जमीन को बिना विवाद आपसी सहमति से अधिग्रहीत कराने के लिए एसडीएम सदर की अगुवाई में गठित टीम को काश्तकारों से संपर्क कर मुआवजा राशि तय कराने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
बीते दिनों प्रोजेक्ट से जुड़े विभिन्न विभागों की एक बैठक के बाद लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के लिए ग्राम पंचायत आदमपुर, इन्दरवारा, गहरवारा, रेवरी, नट्टौरा, कठिन्द्रा, अजमल नगर, बड़ा गांव भेलिया, जतियामऊ, करीमाबाद, महमूदपुर, बहरन और सरोसा भरोसा में आने वाली जमीनों को अधिग्रहीत कराने की प्रक्रिया शुरू कराई गई है।