भू संपत्तियों में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की कवायद तेज हो गई है। प्रस्ताव शासन के पास भेजा जा चुका है, अब मंजूरी का इंतजार है।
इस नई व्यवस्था के तहत भू-संपत्ति के निबंधन से पहले आवेदन करना होगा। इस आवेदन के आधार पर खरीदी जाने वाली संपत्ति का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। खरीददार के पक्ष में जमीन या मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होगी।
इसके तहत निबंधन कार्यालय में वकीलों की जोड़-तोड़ से महज चंद घंटों में पूरी हो जाने वाली निबंधन प्रक्रिया पर रोक लगेगी। अब भू संपत्ति का निबंधन कराने के लिए पहले संबंधित सब रजिस्ट्रार के यहां आवेदन पत्र जमा कराना होगा।
इसके आधार पर आवेदक को जारी टोकन नंबर के बाद निबंधन विभाग संबंधित सब रजिस्ट्रार से खरीद व बिक्री से जुड़े क्रेता-विक्रेता दोनों के ही स्तर पर भू संपत्ति की दी गई सूचना के आधार पर जांच व भौतिक सत्यापन कराएगा।
इसमें निबंधन वाली संपत्ति का वास्तविक मूल्यांकन, राजस्व अभिलेख में दर्ज खसरा खतौनी से संपत्ति का मिलान, गवाह का सत्यापन व सेल डीड परीक्षण इत्यादि बिन्दु मुख्य तौर पर शामिल रहेंगे।
इसके बाद ही निबंधन प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा। निबंधन विभाग के एआईजी स्टांप ने भरोसा जताया कि रजिस्ट्री के बाद संबंधित भू संपत्ति की खरीद-फरोख्त में किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा निबंधन से पहले ही उजागर हो सकेगा।