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Lucknow News: डीन और सीएमएस की साझा समिति बनने के बाद माने रेजिडेंट

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धरने पर बैठे डॉक्टर।
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लखनऊ।
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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में चार रेजिडेंट के निलंबन और नौ के खिलाफ एफआईआर होने के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर सोमवार रात से मंगलवार तड़के चार बजे तक धरने पर बैठे रहे। तड़के चार बजे पैरामेडिकल डीन प्रो. केके सिंह ने मौके पर पहुंचकर कुलपति के साथ फोन पर बात कराई। इसके बाद डीन की अध्यक्षता में समिति बनने के बाद रेजिडेंट ने धरना समाप्त किया।

उधर, चौक थाने में जूनियर रेजिडेंट डॉ. अश्विन की तहरीर पर नर्सिंग अधिकारी शुभम राव के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। डाॅ. अश्विन का आरोप है कि 19 सितंबर की रात में वह ट्राॅमा सेंटर के अस्थि शल्य क्रिया विभाग की ओटी में ड्यूटी कर रहे थे। उन्होंने नर्सिंग अधिकारी से काम के लिए कहा तो उन्होंने बदसलूकी की। काॅलर पकड़कर जमीन पर पटक दिया और मारपीट की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी।
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जेआर का आरोप है कि शुभम आए दिन अभद्र व्यवहार करते हैं। 20 सितंबर को दोबारा ड्यूटी पर तैनात डाॅक्टरों डाॅ. अमित, डाॅ. सतीश, डाॅ. अंकित, डाॅ. अश्विन, डाॅ. आयुष, डाॅ. सुधांशु से आरोपी ने गाली-गलौज की। एसीपी चौक राजकुमार सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं।
इससे पहले, केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में शनिवार देर रात नर्सिंग अधिकारी शुभम राव ने जूनियर डॉक्टरों पर मारपीट का आरोप लगाया था। इसके बाद नर्सिंग अधिकारी लामबंद होकर ट्रॉमा सेंटर में ही धरने पर बैठ गए थे। केजीएमयू प्रशासन ने 24 घंटे में जांच करके कार्रवाई का आश्वासन दिया था। जांच में मारपीट की पुष्टि मानते हुए चार रेजिडेंट को निलंबित कर दिया गया था। वहीं, दूसरी ओर नर्सिंग अधिकारी ने नौ रेजिडेंट के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसके विरोध में रेजिडेंट धरने पर जम गए। सुबह चार बजे डीन प्रो. वीरेंद्र आतम की अध्यक्षता में समिति बनाई गई। समिति में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बीके ओझा, हड्डी रोग विभाग के प्रमुख प्रो. आशीष कुमार, प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा, ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्साा अधीक्षक प्रो. प्रेमराज और मैट्रन सुतापा बनर्जी को भी शामिल किया गया है।
रेजिडेंट का आरोप नशे में था नर्सिंग ऑफिसर
जूनियर रेजिडेंट डॉ. अमित शर्मा के मुताबिक, शनिवार रात ट्रॉमा सेंटर में सर्जरी के समय डॉ. अश्विन ने जूनियर नर्सिंग स्टाफ शुभम राव से कुछ सामान मांगा। आरोप है कि शुभम नशे में सो रहे थे। सामान देने के बजाय उन्होंने गुस्से में उठकर डॉ. अश्विन को गाली दी। विरोध करने पर शुभम ने डॉ. अश्विन का कॉलर पकड़कर धक्का दे दिया। इसके बाद नर्सिंग स्टाफ ने झूठी एफआईआर दर्ज करा दी। यूनिवर्सिटी प्रसाशन ने भी दबाव में चार रेजिडेंट को निलंबित कर दिया। रेजिडेंट डॉक्टरों के मुताबिक, केजीएमयू प्रशासन ने आश्वासन दिया कि 24 घंटे में झूठी एफआईआर वापस ली जाएगी। इस मौके पर डॉ. रंभित चंद द्विवेदी, डॉ. अमित शर्मा, डॉ. दीपक, डॉ. अमित जायसवाल, डॉ. प्रेम, डॉ. सतीश, डॉ. आयुष, डॉ. निखिल मौजूद रहे।
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जांच में शराब पीने की पुष्टि नहीं

केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि मारपीट के आरोपी रेजिडेंट डॉक्टरों के खून के नमूने तुरंत लिए गए थे। जांच करने पर उनमें शराब की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

धरने पर बैठे डॉक्टर।

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