त्योहार बाद प्रदेश के कई जिलों के कप्तानों के साथ ही रेंज के आईजी व जोनल एडीजी बदले जा सकते हैं। इसके पीछे काननू-व्यवस्था और अपराध के मामलों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी बताई जा रही है।
पिछले दिनों विभिन्न जिलों में होने वाली तमाम घटनाओं की गूंज राजधानी तक पहुंची हैं। सीतापुर में पुलिस कप्तान के साथ अभद्रता के साथ ही उनकी मौजूदगी में उनके मातहतों की पिटाई का मामला भी मुख्यमंत्री कार्यालय ने गंभीरता से लिया है।
इसी तरह सहारनपुर में सांप्रदायिक संघर्ष की स्थिति आना और विभिन्न जिलों में ताबड़तोड़ सनसनीखेज वारदातों ने पुलिस के रसूख को चुनौती दी है।
जौनपुर में हीरा कारोबारी को सरेआम गोली मार कर पौने दो करोड़ की लूट और वाराणसी के एक माल में बदमाशों द्वारा दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर दो लोगों की हत्या कर दी गई। वहीं, राजधानी में पेट्रोल पंप के कैशियर को गाली मार कर दस लाख की लूट, सुल्तानपुर में व्यापारी को गोली मार कर डेढ़ लाख की लूट और कन्नौज में बैंक के सामने एआरटीओ के सहायक को गोली मारकर तीन लाख की लूट की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाए हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री कई बार पुलिस अफसरों को टोक चुके हैं। माना जा रहा है कि दिवाली और छठ के बाद कई अफसरों को उनके पद से हटाया जा सकता है।