जडेजा की देखरेख में अफगान टीम ने अभ्यास किया।
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इनफार्म राशिद खान (छह मैच में सात विकेट) और मुजीब उर खान (छह मैच में छह विकेट)। अफगानिस्तान के ये दो खिलाड़ी इकाना स्टेडियम के स्लो ट्रैक पर नीदरलैंड के बल्लेबाजों को स्पिन के जाल में फंसाने का प्रयास करेंगे, ताकि विश्वकप में चौथी जीत के साथ सेमीफाइनल में अपना दावा मजबूत किया जा सके। उधर, नीदरलैंड भी अफगानिस्तान को हराकर यह साबित करना होगा कि पूर्व में दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के खिलाफ उनकी जीत तुक्का नहीं थी। कुल मिलाकर लखनऊ में विश्वकप का आखिरी मुकाबला उलटफेर में माहिर दो टीमों के बीच श्रेष्ठता का होगा। मुकाबले के लिए जहां नीदरलैंड की टीम तीन दिनों ने अभ्यास में जुटी हुई हैं। वहीं दूसरी ओर अफगानिस्तान ने दो दिनों में पूरे दमखम के साथ नेट्स पर जमकर पसीना बहाया।
इकाना स्टेडियम से अच्छी तरह वाकिफ है अफगान टीम
वर्ष 2019 में इकाना स्टेडियम अफगानिस्तान का होम ग्राउंड रहा था। यहां टीम ने विंडीज के खिलाफ तीन वनडे, तीन टी-20 और एक टेस्ट मैच की सीरीज भी खेली। इस स्टेडियम में खेलने वाले रहमत शाह, राशिद खान, नजीबुल्लाह जादरान, इब्राहिम जादरान, मोहम्मद नबी, इकराम अलीखिल, मुजीब उर रहमान, नवीन उल हक मौजूदा टीम में शामिल है, जो टीम के प्लस पाइंट हो सकता है। विश्वकप में अभी तक बल्लेबाजी में हशमतुल्लाह शाहिदी ने छह मैच में 56.50 की औसत ने 226 और रहमतुल्लाह गुरबाज ने छह में 37.33 की औसत से 224 रन बनाए। गेंदबाजी में राशिद, मुजीब के अलावा अनुभवी मो. नबी और तेज गेंदबाज नवीन उल हक नीदरलैंड के बल्लेबाजों के सामने मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।
सब कुछ झोंकने को तैयार नीदरलैंड की टीम
कागजों में अफगानिस्तान का दावा भले ही भारी दिख रहा हो, लेकिन युवा और अनुभवी खिलाड़ियों से सजी नीदरलैंड की टीम किसी मैच का रुख अपनी ओर मोड़ सकती है, यह उन्होंने पूर्व में करके दिखाया है। गेंदबाजी में बास डीलीडे 26.45 के शानदार औसत से 11 विकेट झटककर 12वें स्थान पर हुए हैं, जबकि उनके ठीक नीचे पॉल वॉन (10 विकेट) और लोगन वॉन (नौ विकेट) दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं। बल्लेबाजी में कप्तान एडवर्ड 51 की औसत ने 204 रन बनाए हैं, जो टीम की बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देते हैं। अगर यह टीम अफगानिस्तान को हरा देती है तो कोई हैरानी वाली बात नहीं होगी।