उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्टेट एजेंसी फॉर कंप्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) से गलत तरीके से भुगतान लेने वाले 39 अस्पतालों की संबद्धता निलंबित कर दी गई है। निलंबन अवधि में वे योजना के तहत मरीजों का उपचार नहीं कर पाएंगे। हालांकि पांच को छोड़कर 34 अस्पतालों ने रुपये लौटा दिए हैं।
प्रदेश में जिन अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना से निलंबित किया गया है। उनमें मुस्तफा अस्पताल, इंडिया अस्पताल, विद्या अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर, चैरिटेबल एवं मेडिकल संस्थान लखनऊ, उस्मानी नर्सिंग होम, सुपर वेदांत सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर, आयुष्मान अस्पताल, एम पारस हेल्थ केयर अस्पताल बिजनौर, यूनिक हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर, सर्जिमेड अस्पताल, सेलेक्ट अस्पताल, फोटॉन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और ट्रॉमा, फोटॉन अस्पताल, एमआई अस्पताल, मेडविन मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल, गैलेक्सी सर्जिकल और मैटरनिटी सेंटर, एवीएस अस्पताल मुरादाबाद, यूनिक अस्पताल, ऑन्कोकेयर कैंसर अस्पताल, डॉ. केसी मेमोरियल गुप्ता अस्पताल, डिवाइन हेल्थकेयर अमरोहा, किरपालु हॉस्पिटल, आयुष्मान हॉस्पिटल, अम्बे हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर हापुड़, महालक्ष्मी हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, गुलावठी पल्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल बुलंदशहर, चौधरी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल गाज़ियाबाद, सूर्या हॉस्पिटल, आरएन हॉस्पिटल, न्यू आदर्श हॉस्पिटल, अशोक हॉस्पिटल देवरिया, पूर्वांचल अस्पताल, मीनल नर्सिंग होम गोरखपुर, यूनिक हास्पिटल एंड अट्रासाउंड सेंटर अमरोहा शामिल हैं।
पैनेसिया अस्पताल वाराणसी, हिंदुस्तान चाइल्ड अस्पताल बहराइच, सनराइज हॉस्पिटल, न्यूलाइफ हॉस्पिटल हापुड़ तथा सकीना अस्पताल मुरादाबाद ने अभी अनियमित तरीके से लिए गए भुगतान की राशि लौटाई नहीं है। उन्हें दोबारा नोटिस भेजा गया है। ये भी 39 अस्पतालों की निलंबन सूची में हैं।
साचीज का प्रयास है कि अस्पतालों का भुगतान पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप हो। हर पात्र लाभार्थी को योजना का लाभ मिले। जांच चल रही है, जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों ने रुपये नहीं लौटाए हैं, उनसे वसूली की प्रक्रिया जारी है। -अर्चना वर्मा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, साचीज