तेज आवाज वाले वाहनों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को सख्ती से रोकने की कार्रवाई रिपोर्ट संबंधी हलफनामे शुक्रवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में पेश किए गए। जिन्हें कोर्ट ने रिकॉर्ड पर ले लिया। मामले में नियुक्त न्यायमित्र अधिवक्ता ने भी अपनी रिपोर्ट पेश की और पक्षकारों के हलफनामों पर गौर करने को वक्त देने का आग्रह किया, जिसे मंजूर करते हुए कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर को नियत की है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्ययामूर्ति सुरेश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने शुक्त्रस्वार को यह आदेश स्वयं संज्ञान लेकर ‘मॉडिफाइड सायलेंसर से ध्वनि प्रदूषण’ शीर्षक से कायम जनहित याचिका पर दिया। पहले कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार समेत आला अफ सरों से कार्रवाई रिपोर्ट तलब की थी। कोर्ट ने मामले में पक्षकार अफसरों को आदेश दिया था कि परिवहन व गृह विभाग के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) के चेयरमैन समेत पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) यातायात लखनऊ हलफनामे पर 27 अगस्त को कृत कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करें कि वाहनों से निकलने वाले कानफोड़ू ध्वनि प्रदूषण को रोकने को क्या कदम उठाए गये हैं? अदालत ने मामले में कोर्ट का सहयोग करने को अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा को बतौर न्यायमित्र नियुक्त किया था।