सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में रविवार को प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी छह लेन वाली आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे परियोजना का शिलान्यास बटन दबाकर किया।
यह एक्सप्रेस वे देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट माना जा रहा है। सरकार ने इसे 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले बनाने का लक्ष्य बनाया है। 15000 करोड़ रुपये की लागत से चार कंपनियां पांच हिस्सों में इसे 22 महीने में तैयार करेंगी। शिलान्यास के साथ ही एक्सप्रेस वे पांचों स्थानों से अलग-अलग बनना शुरू हो गया।
अपने सरकारी आवास पर आयोजित शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यह एक्सप्रेस वे प्रदेश की खुशहाली का रास्ता साबित होगा। इससे न सिर्फ दो नगरों आगरा और लखनऊ, बल्कि दो राजधानियों लखनऊ व दिल्ली की दूरी भी कम होगी।
इसके बनने से पूरे पश्चिमी यूपी का विकास दोगुनी गति से होगा और अर्थव्यवस्था तीन गुनी रफ्तार से बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने इसे किसी राज्य सरकार द्वारा अपने बजट से बनवाई जा रही इसे अनूठी परियोजना बताया।
पूरे यूपी में होगा परियोजना का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा, 85 प्रतिशत से ज्यादा जमीन का अधिग्रहण होने से सरकार आज एक प्रमुख चुनावी वादा पूरा करने में सफल हुई है। एक ओर इससे यात्रा के समय में काफी कमी आएगी, वहीं अत्यंत पिछड़े इलाकों में वैसी ही खुशहाली आएगी, जैसी जीटी रोड और एनएच-2 के आसपास के इलाकों में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग इस परियोजना का पूर्वी यूपी की ओर विस्तार चाहते हैं। यदि लोग सहयोग करेंगे, तो इसका विस्तार किया जाएगा।
कार्यक्रम को सिंचाई व लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने भी संबोधित किया। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने एक्सप्रेस वे और भविष्य की परियोजनाओं के बारे में बताया। पूर्व मुख्य सचिव व राजस्व परिषद के चेयरमैन जावेद उस्मानी ने सीएम के इस विजन को सराहा। प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास संजीव सरन ने भी विचार रखे।
दो पुलों का भी शिलान्यास
सपा मुखिया ने इस अवसर पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को यमुना एक्सप्रेस-वे से जोड़ने वाले दो पुलों का भी शिलान्यास किया। इनमें पहला पुल आगरा इनर रिंग रोड परियोजना के तहत ग्राम महल बादशाह के पास यमुना नदी पर बनेगा। आठ लेन के इस पुल पर 98.32 करोड़ की लागत आएगी।
वहीं इनर रिंग रोड परियोजना के तहत ही दिल्ली-आगरा-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-2) से जुड़ेटुंडला-यमुना ब्रिज रेल सेक्शन पर कुबेरपुर के निकट उपरिगामी सेतु 146.20 करोड़ से बनेगा। राज्य सेतु निगम दोनों पुल बनाएगा।
इसलिए खास है यह परियोजना
- आगरा रिंड रोड, ग्राम एतमादपुर मदरा आगरा से फीरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई होते हुए लखनऊ के मोहान रोड सरोसा-भरोसा तक।
-15000 करोड़ रुपये की लागत से चार कंपनियां पांच हिस्सों में 22 महीने में करेंगी तैयार।
- 6 लेन की एक्सप्रेस-वे परियोजना, 8 लेन तक विस्तार का विकल्प।
- चार घंटे में लखनऊ से आगरा व साढ़े पांच घंटे में दिल्ली का सफर होगा पूरा।
- 302 किमी लंबा व 110 मीटर चौड़ा।
- 120 किमी प्रति घंटे होगी वाहनों की रफ्तार।
-सरकार अपने बजट से ईपीसी मॉडल पर बनवा रही है।
- छह लेन का डिवाइडेड कैरिज वे होगा।
- दो स्थानों पर लगेगा टोल टैक्स।
- पदयात्रियों व जानवरों के लिए अंडरपास।
- सर्विस रोड, ग्रीन बेल्ट का होगा प्रावधान।
ये भी सुविधाएं मिलेंगी और ये होंगे लाभ
- सड़क के दोनों ओर दो-दो स्थानों पर विश्रामगृह, पेट्रोल पंप, सर्विस सेंटर, भोजनालय व पुलिस पोस्ट।
- परियोजना के लिए पर्यावरण अनापत्ति हासिल। 80 फीसदी जमीन का अधिग्रहण पूरा।
ये होंगे लाभ
- पश्चिमी यूपी व राजधानी लखनऊ के बीच तेज गति से सुगम यातायात।
- ईंधन की बचत व प्रदूषण नियंत्रण में अहम भूमिका।
- परियोजना के आसपास के क्षेत्रों का सामाजिक व आर्थिक विकास।
- कृषि, वाणिज्य, पर्यटन व उद्योग को बढ़ावा।
- आगरा, फीरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, औरैया, कानपुर नगर व लखनऊ के बीच तेज व्यापारिक सुविधाओं का विकास।
- विभिन्न उत्पादक इकाइयों, विकास केंद्रों व इटावा व मैनपुरी जैसे कृषि उत्पादन क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के लिए औद्योगिक कॉरिडोर में सहायक।
- हैंडलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, कोल्ड स्टोरेज, भंडारण गृह, दुग्ध आधारित उद्योगों आदि की स्थापना के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा।
- नए इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, शिक्षण संस्थानों, मेडिकल संस्थानों की हो सकेगी स्थापना।
- नई सेटेलाइट व स्मार्ट सिटी का होगा विकास।