तीन चरणों के लिए हुए नामांकन में महिलाएं बहुत पीछे नजर आ रही हैं। जहां 92 फीसदी पुरुष नेताओं ने लोकसभा चुनाव के लिए पर्चा दाखिल किया है, तो सिर्फ 8 फीसदी महिलाएं ही चुनाव लड़ रही हैं।
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इस रिपोर्ट में एक अच्छी बात भी सामने आई है। इस चुनाव में लोकसभा जाने का ख्वाब देख रहे नेताओं में सिर्फ तीन फीसदी ही अनपढ़ हैं।
47 फीसदी प्रत्याशी 12वीं पास हैं और 48 फीसदी प्रत्याशियों ने कम से कम ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है। दो फीसदी प्रत्याशियों ने शिक्षा की जानकारी ही नहीं दी है।
अच्छी खबर यह भी है कि 62 फीसदी प्रत्याशी युवा कहे जा सकते हैं। इनकी उम्र 25 से 50 वर्ष के बीच है। 50 से 70 आयु वाले नेता सिर्फ 34 फीसदी हैं और 70 से ज्यादा उम्र वाले सिर्फ दो फीसदी हैं। दो फीसदी नेताओं ने इसकी जानकारी नहीं दी है।
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यूपी के 146 प्रत्याशियों में 33 दागी
अभी तक हुए तीन चरणों के नामांकन के बाद मतदाताओं को सावधान करने वाली एक बड़ी तस्वीर उभर कर सामने आई है।
नेशनल इलेक्शन वॉच (न्यू) और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) की ताजा पड़ताल में पता चला है कि पहले तीन चरणों के चुनाव में उतरे प्रत्याशियों में से लगभग हर पांचवें के खिलाफ आपराधिक मुकदमा है।
जबकि उत्तर प्रदेश में अभी तक चुनावी समर में कूद चुका हर चौथा या पांचवां प्रत्याशी दागी है। तीसरे चरण की नाम वापसी तिथि बीतने के बाद यूपी के कुल 146 प्रत्याशियों में से 33 दागी हैं।
26 प्रत्याशियों पर तो संगीन आपराधिक मुकदमे हैं। इस बात की पुष्टि खुद प्रत्याशियों ने अपने हलफनामों में किया है।
1492 प्रत्याशियों की निकाली कुंडली
न्यू और एडीआर ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए प्रथम से लेकर तृतीय चरण के लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतरे 1520 प्रत्याशियों में 1492 की पड़ताल की।
इसमें पाया गया कि 269 प्रत्याशियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। जबकि 150 पर हत्या, दुष्कर्म, डकैती आदि जैसे संगीन मुकदमे हैं।
अगर पार्टीवार स्थिति पर गौर करें तो इन तीन चरणों के चुनाव में कांग्रेस ने 21 (25%), भाजपा ने 38 (42%), आप ने 15 (17%) और बसपा ने 16 (18%) दागी प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है।
इनमें से कांग्रेस के 13, भाजपा के 22, आप के 10 और बसपा के 9 प्रत्याशियों पर संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
यूपी में चार रेड अलर्ट संसदीय क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में बिजनौर, कैराना, मुजफ्फरनगर और मेरठ को रेड अलर्ट संसदीय क्षेत्र में रखा गया है।
रेड अलर्ट संसदीय क्षेत्र उसे कहा जाता है, जहां तीन या उससे अधिक प्रत्याशियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज होते हैं।
बिजनौर में भाजपा, सपा और भारतीय मोमिन फ्रांट के प्रत्याशियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
कैराना में भाजपा, सपा और आरएलडी, मुजफ्फरनगर में भाजपा, सपा और बसपा तथा मेरठ में भाजपा, आप और बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रत्याशियों पर आपराधिक मुकदमे हैं।
पहले तीन चरण के 1492 प्रत्याशियों में से 423 प्रत्याशी करोड़पति हैं। कांग्रेस के 85 प्रत्याशियों में से 69, भाजपा के 90 प्रत्याशियों में से 59, आप के 86 प्रत्याशियों में से 40 और बसपा के 89 प्रत्याशियों में से 34 और सपा के 34 में से 14 के पास एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है।
उत्तरप्रदेश के चुनावी समर के 146 सूरमाओं में से 92 के पास एक करोड़ से अधिक की संपत्ति है। इसके अलावा, 72 प्रतिशत प्रत्याशियों ने पैन संबंधी विवरण दिया है, जबकि 28 फीसदी कैंडीडेट्स ने पैन डिटेल नही दी है।
इनकम टैक्स का ब्यौरा देने वाले प्रत्याशी भी केवल 48 फीसदी हैं। अभी 52 फीसदी नेताओं ने अपना इनकम टैक्स की जानकारी नहीं मुहैया कराई है।