विश्व हिंदू परिषद की ओर से 25 नवंबर को अयोध्या में प्रस्तावित धर्मसभा के दौड़ान उमड़ने वाला हुजूम एक साथ विवादित स्थल की ओर कूच न करे, इसके लिए प्रशासन मुस्तैद है। भीड़ को विवादित स्थल तक पहुंचने से रोकने की रणनीति बनाई गई है।
आला अधिकारी अयोध्या में होने वाली गतिविधियों पर ड्रोन कैमरों के जरिये नजर रखेंगे। वहां बड़ी तादाद में फोर्स व अधिकारियों को तैनात करने के साथ जोन के एडीजी राजीव कृष्ण को भी अयोध्या भेजा गया है। वे 25 नवंबर तक वहीं कैंप करेंगे।
अयोध्या की धर्मसभा में एक लाख से ज्यादा की भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए 48 कंपनी पीएसी पहले ही तैनात की जा चुकी है। रैपिड एक्शन फोर्स की भी तैनाती की गई है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बम निरोधी दस्ते, कमांडो, एंटी सबोटाज टीमें व दमकलों का इंतजाम भी किया गया है।
धर्मसभा को परोक्ष रूप से सत्तारूढ़ दल का समर्थन होने की वजह से अफसर किसी तरह की सख्ती या लोगों के आगमन पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं। आला अफसरों को यह भी अंदेशा है कि ढील देने पर कहीं कानून-व्यवस्था बिगड़ी तो हालात पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा।