फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल प्रकरण में यू-टर्न, एडीएम ने अपने ही आदेश पर लगाई रोक

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। नरही स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल भवन के विवाद में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जिस आदेश के आधार पर विद्यालय के भवन पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी, अपने उसी आदेश के अमल पर अब खुद एडीएम नगर (पूर्वी) महेंद्र पाल सिंह ने अंतरिम रोक लगा दी है।
विज्ञापन



विद्यालय प्रबंधन को यह राहत जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से दाखिल उस प्रार्थना पत्र के बाद मिली, जिसमें भवन के किरायेदारी विवाद के मामले में शिक्षा विभाग को पक्षकार बनाए जाने की मांग की गई थी। डीआईओएस देवेंद्र पांडेय ने एडीएम कोर्ट को दिए अपने आवेदन में कहा कि उन्हें 21 अप्रैल 2026 को पारित आदेश की जानकारी समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के माध्यम से मिली। चूंकि विद्यालय एक मान्यता प्राप्त एवं शासन से अनुदानित शिक्षण संस्था है, इसलिए शिक्षा विभाग का पक्ष सुने बिना पारित आदेश से छात्राओं के हित प्रभावित हो सकते हैं।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल वर्ष 1936 से संचालित हो रहा है। वर्तमान में यहां 243 छात्राएं अध्ययनरत हैं। भवन से जुड़े किसी भी निर्णय का सीधा असर छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ेगा। इसी आधार पर शिक्षा विभाग को आवश्यक पक्षकार बनाने तथा पूर्व आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की गई। इस मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार को विशेष सुनवाई हुई।
विज्ञापन




सुनवाई के बाद एडीएम पूर्वी महेंद्र पाल सिंह ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए पूर्व आदेश के अमल को स्थगित कर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि यदि पूर्व के आदेश के तहत कब्जा हस्तांतरित कराया जा चुका है तो पूर्व स्थिति बहाल करते हुए विद्यालय को पुनः कब्जा दिलाया जाए ताकि पठन-पाठन प्रभावित न हो। एडीएम कोर्ट ने लखनऊ के पुलिस आयुक्त तथा प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज को आदेश के अनुपालन के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई दो जुलाई को निर्धारित की गई है।


अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा

एडीएम कोर्ट के आदेश पर 4 जून को विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल को पुलिस की मौजूदगी में खाली कराया गया था। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद यहां की छात्राओं की पढ़ाई की चिंता तथा अभिभावकों और शिक्षकों के आक्रोश को लेकर भी अमर उजाला ने खबरें प्रकाशित कीं। शिक्षक संघ ने भी आदेश को एकपक्षीय बताते हुए शासन स्तर तक जाने की बात कही थी। जिलाधिकारी विशाख जी ने खबरों को संज्ञान लेते हुए एडीएम कोर्ट को विशेष सुनवाई का निर्देश दिया जिसके बाद सोमवार को अदालत से विद्यालय प्रबंधन और छात्राओं को राहत मिली है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें