इधर हरिश्चंद्र ने पीसीएस एसोसिएशन को वस्तुस्थिति की जानकारी भेजते हुए अपने परिवार को परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनका बेटा स्नातक का छात्र है। उसका इस पूरे घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने दबाव में उसके खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है। पत्नी ने कर्नल को छुआ तक नहीं लेकिन पुलिस ने धारा 307 में मामला दर्ज कर लिया।
एडीम की मदद करने वाले अधिकारियों की तलाश शुरू
रिटायर्ड कर्नल और एडीएम के बीच हुए विवाद के बाद अब शासन ने मामले में संज्ञान लेते हुए पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले और एडीएम की मदद करने वाले अधिकारियों की तलाश शुरू कर दी है। इसमें जल्द ही अब स्थानीय अधिकारियों पर गाज गिरने वाली है।
मामले में पुलिस के दो अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। अब प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। बताया जा रहा है कि पूरे प्रकरण में पीएम और सीएम की निगरानी में कार्रवाई हो रही है। पूर्व व वर्तमान सैन्य अफसरों ने दोनों जगह पर शिकायतें की थीं।
दरअसल, 14 अगस्त को जब सेक्टर-29 में रहने वाले रिटायर्ड कर्नल पर एडीएम हरिश्चंद्र की पत्नी ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। उस दिन एडीएम ने कुछ स्थानीय आला अधिकारियों को फोन करके सिफारिश कराई थी। इसमें जिले के कुछ आला अधिकारी भी हैं।
जिन्होंने इंस्पेक्टर और सीओ से फोन करके एडीएम के मामले में सहयोग करने और रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा था। हालांकि उन अधिकारियों ने भी आला अफसरों द्वारा की गई सिफारिश के आधार पर ही सीओ और इंस्पेक्टर को फोन किया था। (इनपुटः नोएडा ब्यूरो)