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जनता पर नहीं पड़ेगा कर्जमाफी का बोझ, सरकार की फिजूलखर्ची रोकेंगे: सीएम योगी

Fri, 14 Apr 2017 01:17 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों की कर्जमाफी के सरकार के फैसले का आम जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। इसके लिए स्वयं एवं सरकार की फिजूलखर्ची रोकी जाएगी। साथ ही प्रदेश में जहां कहीं भी कर चोरी होती थी उसे पूरी तरह बंद किया जाएगा।
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इससे एक साल में ही सरकार कर्जमाफी के लिए जरूरी 36 हजार करोड़ रुपये का प्रबंध कर लेगी। प्रदेश सरकार ने इसका पूरा खाका तैयार कर लिया है।

मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि लोगों को यह लगता है कि सरकार बहुत तेजी के साथ चल रही है। सरकार तेजी के साथ नहीं बल्कि उसकी स्पीड ही यही होनी चाहिए। हम उसी स्पीड को लेकर चल रहे हैं जिसकी आज उत्तर प्रदेश को आवश्यकता है।

उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्यों में शुमार करवाना है तो जिस स्पीड में हमारे मंत्री काम कर रहे हैं उन्हें करना होगा तभी सूबे में लगी जंग दूर होगी। पांच साल में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य से अग्रणी राज्यों में आ सकेगा।
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केंद्र ने 2014-15 में दी थी स्वीकृति

स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह - फोटो : amar ujala
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2014-15 में 75 एएलएस एंबुलेंस स्वीकृत की थीं। इसके बाद 2015-16 में भी 75 और एंबुलेंस स्वीकृत कीं। लेकिन इन एंबुलेंस का उद्घाटन वर्ष 2017 में हो रहा है।

उन्होंने सपा सरकार का नाम लिए बगैर कहा कि कितने लोगों को इस एडवांस एंबुलेंस की आवश्यकता थी लेकिन इन लोगों ने उन्हें वंचित रखा।

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अरूण कुमार सिन्हा ने कहा कि शहरों में यह एंबुलेंस 30 मिनट व गांवों में 45 मिनट में मौके पर पहुंचेगी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, महेन्द्र सिंह, रीता बहुगुणा जोशी, स्वाति सिंह आदि मुख्य रूप से उपस्थित थीं।

मोदी को श्रेय न मिल जाए इसलिए नहीं चलाई दो वर्षों से एंबुलेंस

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ व अन्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दो वर्षों से प्रदेश सरकार ने एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस केवल इसलिए नहीं चलाई क्योंकि इसका श्रेय केंद्र की मोदी सरकार को न मिल जाए।

लोकतंत्र में जनता के द्वारा चुनी गई सरकार जनता के प्रति कितनी जवाबदेह है इसका एक उदाहरण है। केंद्र सरकार पैसा देना चाहती है लेकिन प्रदेश सरकार उसे नहीं लेना चाहती है। हम लोग इन दिनों विभागों के प्रेजेंटेशन देख रहे हैं।

इसमें पता चला कि बहुत सी योजनाएं ऐसी हैं जिसमें केंद्र सरकार पैसा देनी है लेकिन राज्य सरकार उसे महज इसलिए नहीं ले रही थी क्योंकि इसका श्रेय केंद्र की भाजपा सरकार को न मिल जाए। सिर्फ यही वजह है कि प्रदेश की 22 करोड़ जनता को इन महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ से वंचित रखा गया।

आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर करना होगा काम

एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस - फोटो : amar ujala
फेडरल सिस्टम में केंद्र व प्रदेश सरकार दोनों की अपनी भूमिका होती है। दोनों सरकारों को मिलकर लोक कल्याणकारी काम करने होते हैं।

जहां भी लोकहित, कल्याण व विकास की बात हो वहां पर हमें आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। हमारी सरकार के मंत्री हर दिन एक साथ इसलिए बैठते हैं ताकि लोक कल्याणकारी योजनाओं को किस प्रकार सूबे में लागू किया जाए इस पर चर्चा की जा सके।

150 एंबुलेंस दे रहे हैं, 100 का और इंतजाम हो गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम 150 एंबुलेंस दे रहे हैं। इसमें प्रत्येक जिले के हिस्से दो एंबुलेंस आएंगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने 100 और एंबुलेंस का इंतजाम केंद्र सरकार से कर लिया है।

उन्होंने पिछले दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर सूबे के लिए 100 और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस का इंतजाम कर लिया है। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों में तो अभी भी एएलएस एंबुलेंस हैं लेकिन छोटे शहरों में इसकी व्यवस्था नहीं थी।
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पीएचसी-सीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों को जाएगा सुधारा

- फोटो : amar ujala
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएचसी-सीएचसी में डॉक्टर नहीं जाते हैं। इस स्थिति को सुधारा जाएगा। इनके साथ ही जिला अस्पताल को और बेहतर करने के प्रयास सरकार ने शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा कि एएलएस के संचालन में निगरानी व्यवस्था भी तेज रहेगी। इसे जीपीएस से जोड़ा गया है। इसमें जांच के दौरान यदि जीवन रक्षक उपकरण खराब मिले तो 10 हजार रुपये का जुर्माना जीवीके-ईएमआरआई पर लगेगा।

यदि छोटी-मोटी गड़बड़ियां सामने आईं तो एक हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।
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