सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को स्थायी करने का मामला एक बार फिर कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। ऐसा तदर्थ शिक्षकों के संबंध में जारी शासनादेश व अध्यादेश को लेकर पेच फंसने के कारण करना पड़ रहा है।
कैबिनेट मंजूरी के लिए प्रस्ताव में शासनादेश लिखकर भेजा गया था,लेकिन बैठक में इसे अध्यादेश कहते हुए आदेश दिया कि तदर्थ शिक्षकों को स्थायी करने के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम में संशोधन करना होगा।
इसलिए अध्यादेश के स्थान पर अब अधिनियम लाने के लिए कैबिनेट से प्रस्ताव मंजूर कराना अनिवार्य होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से अनुमति के लिए फाइल भेज दी है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में समय-समय पर तदर्थ शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। शिक्षक संघ तदर्थ शिक्षकों को स्थायी करने की मांग सालों से करते रहे हैं।