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Lucknow News: बच्चों के मोबाइल फोन में एक्टिव करें पैरेंटल कंट्रोल

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यश की फाइल फोटो।
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लखनऊ। मोहनलालगंज के छात्र यश (12) के ऑनलाइन गेम में फंसकर खुदकुशी करने के मामले ने अभिभावकों और समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ऑनलाइन गेम की लत बच्चों के भविष्य के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है। पुलिस के अनुसार, यश लंबे समय से मोबाइल गेम्स खेलने का आदी था और इस लत ने उसके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया।
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एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा ने बताया कि अधिकांश बच्चे एंड्रॉयड फोन का इस्तेमाल करते हैं और इसी से गेमिंग की लत बढ़ती है। उन्होंने अपील की कि अभिभावक बच्चों के फोन में पैरेंटल कंट्रोल एक्टिव कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखें।
गूगल फैमिली लिंक एप से करें कंट्रोल

- गूगल फैमिली लिंक एप डाउनलोड करें।

- अभिभावक इसे अपने फोन में इंस्टाल करें।

- गूगल फैमिली लिंक पैरेंट्स पर जाएं।

- बच्चे का गूगल अकाउंट लिंक करें।

- अगर बच्चे का खुद का जीमेल अकाउंट है तो उसे फैमिली लिंक से जोड़ें।

- अगर नहीं है तो नया जीमेल अकाउंट बनाएं और फिर लिंक करें।

- बच्चे के फोन में फैमिली लिंक फॉर चिल्ड्रेन एंड टीन्स एप इंस्टाल करें।

- आपसे अकाउंट जोड़ने के लिए पूछेगा।

- आप अपने फोन से जोड़ सकते हैं।

फ्री फायर गेम को ऐसे करें ब्लॉक

- फैमिली लिंक एप पर जाएं।

- एप इंस्टाल सेक्शन में जाएं।

- फ्री फायर गेम को सेलेक्ट करें।
- ब्लॉक एप पर क्लिक करें, गेम बंद हो जाएगा।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- फोन में स्क्रीन टाइम लिमिट सेट करें।
- प्ले स्टोर पर खरीदारी ब्लॉक करें।
- बच्चों की लोकेशन ट्रैक करें।
पैसे खर्च होने से ऐसे रोकें
- गूगल प्ले स्टोर में जाएं।
- टॉप-राइट प्रोफाइल आइकन पर क्लिक करें।
- सेटिंग के बाद आथेंटिकेशन और फिर रिक्वायर आथेंटिकेशन फॉर परचेज पर जाएं।
- फाॅर ऑल परचेज पर सेट करें।
- अब हर बार खरीदारी से पहले पासवर्ड पूछेगा।
ठग को पता था ईमेल आईडी और पासवर्ड
ऑनलाइन गेम में फंसकर 14 लाख रुपये गंवाने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्र यश (12) की मौत के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी झारखंड के पूर्वी सिंहभूम निवासी सनत गोराई ने यश की ईमेल आईडी और पासवर्ड भी पता कर लिया था। यश की आत्महत्या के बाद आरोपी ने उसी की मदद से फोन को फाॅर्मेट कर दिया था। इसके बाद ईमेल का पासवर्ड बदल दिया था। हालांकि, साइबर सेल की टीम ने फोन से डाटा रिकवर कर आरोपी का पता लगा लिया था। आरोपी यश के गेमिंग अकाउंट पर भी कई बार नियंत्रण कर लेता था। रकम नहीं भेजने पर गेमिंग अकाउंट बंद करने की धमकी देता था।
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