प्रदेश में कारोबारी सुगमता (ईज ऑफ डूईंग बिजनेस) के लिए ऑनलाइन सेवाओं के आवेदन अब किसी भी सूरत में ऑफलाइन नहीं लिए जाएंगे। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि अगर कोई विभागीय अधिकारी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (बीआरएपी) के बचे कामों का क्रियान्वयन 30 अक्तूबर तक करके इन्वेस्ट यूपी को रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए हैं। औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने सभी विभागों को इससे संबंधित शासनादेश जारी करने को कहा है।
सभी अपर मुख्य सचिवों व प्रमुख सचिवों को बीआरएपी के कार्य बिंदुओं को समय से पूरा करने के लिए हर सप्ताह प्रगति की समीक्षा भी करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन की गई सेवाओं को निवेश मित्र पोर्टल से जोड़ने में लगने वाले समय के मद्देनजर उन्हें इसे जल्दी कराने के लिए इन्वेस्ट यूपी से समन्वय बनाने को कहा गया है।