लखनऊ। शहर की हवा की सेहत लगातार बिगड़ रही है। बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए अब पानी के छिड़काव के अलावा उन इलाकों को चिह्नित कर विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी, जहां औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़ा रहता है।
खुले में निर्माण करवाने वालों के साथ मलबा डालने वालों और बिना ढके निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई होगी। इन कार्यों के लिए विशेष टीम बनाई जाएगी, जो शहर में घूम-घमकर निगरानी करेगी। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में शनिवार को विभिन्न विभागों की सिटी लेवल इंपलीमेंटशन कमेटी की बैठक में ये निर्णय लिए गए।
नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि प्रदूषण के कारणों की सूची तैयारी करने के साथ इनका समाधान निकालने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाएं। बैठक में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग, सेतु निगम और सेतु निगम के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक में ये लिए गए निर्णय
0 शहर में खुले में मलबा हटाने और डालने वालों पर कार्रवाई का काम नगर निगम करेगा।
0 बिना ढके निर्माण सामग्री ले जाने वाली गाड़ियों पर आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई करेगी।
0 एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल नगर निगम बढ़ाएगा। इसमें जलकल विभाग भी सहयोग करेगा।
0 निर्माण करने वालों को स्थल पर हरे रंग का जाल लगाने के साथ पानी का छिड़काव करना होगा। ऐसा न करने वालों पर नगर निगम, एलडीए और आवास विकास अपने-अपने इलाके में कार्रवाई करेंगे।