लखनऊ। किशोरी के अपहरण के आरोपी रवि को पॉक्सो कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि घटना के समय पीड़िता बालिग होने की कगार पर थी और और अपने कृत्यों के परिणाम को समझने में सक्षम थी। वह अपनी मर्जी से घर से गई थी, उसे किसी ने बहलाया फुसलाया नहीं था। पीड़िता ने बालिग होने के बाद रवि से विवाह कर लिया और अब उनका एक बच्चा भी है।
यह मुकदमा परिवार वालों ने दर्ज कराया था। पीड़िता के पिता ने कोर्ट में बयान दिया कि उनकी बेटी और रवि खुशी से रह रहे हैं। पारा थाने में 23 अप्रैल 2021 को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने पीड़िता को खोजकर रवि के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बताया कि उसे रवि से प्यार था। परिजनों की नाराजगी के चलते उसने अपनी मर्जी से शादी की।