लखनऊ। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश विनीत नारायण पांडेय ने अनीश कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अनीश कुमार पर नाबालिग के अपहरण का आरोप था। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता और आरोपी के बीच प्रेम संबंध थे। पीड़िता बालिग थी और अपना भला-बुरा समझने में सक्षम थी। उस पर लैंगिक हमला करने का कोई सबूत नहीं मिला।
वादी ने नगराम थाने में 4 अप्रैल 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक, उनकी लड़की शौच के लिए गई थी और वापस नहीं आई। परिवार को एक कागज मिला जिस पर पीड़िता ने घर से जाने की बात लिखी थी। पुलिस विवेचना में अनीश कुमार पीड़िता को अपने साथ ले गया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि पीड़िता अपनी मर्जी से गई थी।