लखनऊ के नाका क्षेत्र के सेतु शर्मा होटल में दस दिन पहले नर्स की हत्या कर फरार हुए आयुष चिकित्सक राजेश कुमार त्रिपाठी को पुलिस ने बृहस्पतिवार को मध्य प्रदेश के होटल से गिरफ्तार किया।
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उसने कुबूला कि शादी का दबाव बनाने पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। हत्या करने के बाद वह खुदकुशी करने निकला, लेकिन हरौनी स्टेशन पर एक व्यक्ति के टोकने से इरादा बदल दिया और तीर्थयात्रा की। वह नौकरी की तलाश में था।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि डॉ. राजेश कुमार त्रिपाठी के बैंक खाते की छानबीन में 29 नवंबर के बाद से कोई निकासी नहीं हुई थी। उसने कुबूला कि वह समता की पर्स से रुपये और एटीएम कार्ड ले गया था। जेब खाली होने पर समता के एटीएम कार्ड से आठ हजार रुपये निकाले थे।
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मदद करने पर कर दिया गया तबादला
नर्स समता निषाद हत्याकांड में हत्थे चढ़े आयुष चिकित्सक राजेश कुमार त्रिपाठी ने पूछताछ में कुबूला कि लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी के बाद 2011 में बाजारखाला के टुड़ियागंज स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज से बीएएमएस किया।
वर्ष 2008 में आयुष चिकित्सक से उसकी शादी हुई और एक बेटा है। 2016 में बांदा के मानिकपुर चित्रकूट में तैनाती के दौरान समता से दोस्ती हुई। वह भी संविदा नर्स थी और चिकित्सा केंद्र प्रभारी के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष कर रही थी। इसमें मदद करने पर दोनों का तबादला कर दिया गया। अलग-अलग अस्पतालों में नौकरी के बाद भी दोनों मिलते रहे।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सेतु शर्मा होटल के कमरा नंबर-110 में 30 जनवरी को अंबेडकरनगर के महरुआ थाने के गांव पिलाई निवासी संविदा नर्स समता निषाद की हत्या करके फरार महोबा के गांधीनगर नवीन गल्ला मंडी निवासी संविदा आयुष चिकित्सक राजेश कुमार त्रिपाठी को जबलपुर के पास भेड़ा घाट से गिरफ्तार किया गया। वहां आदर्श होटल में ठहरा था।
मारपीट करने पर नर्स बाथरूम में जा गिरी
क्षेत्राधिकारी कैसरबाग अमित कुमार राय ने बताया कि वर्तमान में राजेश बांदा के गोइरा मुगली स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर संविदा आयुष चिकित्सक था और समता कटेहरी सीएचसी पर संविदा नर्स थी।
दोनों अक्सर सैर करने लखनऊ आते। इससे पहले 22 नवंबर को तीन दिन के लिए सेतु शर्मा होटल में रुके थे। इसके बाद 26 जनवरी को आए। राजेश ने 29 जनवरी को समता को सहारागंज ले जाकर शॉपिंग कराई और रात में शराब पीने के साथ खाना खाकर सो गए।
उसका कहना है कि समता ने सुबह जागते ही शादी के लिए दबाव बनाने के साथ फंसाने की धमकी दे डाली। इस पर दोनों में झगड़ा हुआ। मारपीट में वह बाथरूम में जा गिरी। इसके बाद राजेश ने दुपट्टा गले पर कसकर उसे झटके से उठाकर मार डाला।
पत्नी को पता था पति का प्रेम संबंध
होटल से मिले सुसाइड नोट को लेकर प्रभारी निरीक्षक विश्वजीत सिंह की पूछताछ में डॉ. राजेश ने कुबूला कि मोटी रकम खर्च करने के साथ वह अन्य परेशानियों का सामना कर रहा था।
समता से संबंधों का पता चलने पर पत्नी बेटे के साथ अलग रहने लगी थी। हत्या के बाद उसने खुदकुशी का इरादा बनाया। सुसाइड नोट लिखकर होटल से निकला। बंथरा जाकर शराब पी और ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने हरौनी स्टेशन पहुंचा।
ट्रेन के इंतजार में चहलकदमी कर रहा था। इस बीच एक व्यक्ति ने उसे टोका। उसका हुलिया पुलिसकर्मी जैसा था। हत्या में पकड़े जाने के डर से राजेश भाग निकला। इसके बाद गांव बनी में ढाबा के पास ठहरा और अगले दिन फतेहपुर चला गया।
कॉल से ट्रेस की लोकेशन
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सुसाइड नोट में डॉ. राजेश ने समता की एक सहेली, विवेक सिंह रघुवंशी व जीके मामा को जिम्मेदार ठहराया था। तहकीकात में पता चला कि डॉ. राजेश के साथ होटल में ठहरी समता को रात में विवेक ने कॉल की थी।
दोनों में काफी देर बात हुई। राजेश को दोनों के बीच प्रेमप्रसंग का संदेह हो गया। उसने आरोप लगाते हुए झगड़ा किया। इस पर समता शादी के लिए दबाव बनाने लगी। वारदात अंजाम देकर फरार राजेश मोबाइल बंद रखता था। इस दौरान उसने दो-तीन बार पत्नी को कॉल की थी। इससे लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस की टीम जबलपुर तक पहुंची।
तीर्थयात्रा के साथ नौकरी की तलाश
डॉ. राजेश ने बताया कि चित्रकूट परिक्रमा के बाद मैहर देवी, चुरहट और सीधी की यात्रा कर वह जबलपुर पहुंचा। पता चला कि नक्सल क्षेत्र में अस्पतालों में आयुष चिकित्सकों की तलाश है। नक्सल इलाके में रहने का इरादा बनाया था, ताकि पुलिस उस तक न पहुंच सके।