रायबरेली में शनिवार को अमावां ब्लॉक क्षेत्र में नइया नाले में गिरा ट्रक।
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एनएचएआई की लापरवाही से शनिवार को बड़ा हादसा होते-होते बच गया। जर्जर पुल की रेलिंग समेत एक ट्रक नाले में गिर गया। इससे चालक और खलासी घायल हो गया। चार महीने पहले अफसरों ने पुल की रेलिंग बनवाई थी, लेकिन पुल की मरम्मत नहीं कराई थी।
यही वजह है कि यह हादसा हो गया। इस घटना से लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि हाईवे का निर्माण कार्य बहुत धीमे चल रहा है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
रायबरेली-अयोध्या हाईवे का चौड़ीकरण और सुदढ़ीकरण कार्य होना है, लेकिन एनएचएआई के अफसरों की मनमानी के चलते कार्य में तेजी नहीं आ रही है। अमावां ब्लॉक क्षेत्र के तकिया चौराहा के पास नैइया नाले के पास बना पुल करीब 100 साल पुराना है।
अफसर इसी के ऊपर से नवीनीकरण और चौड़ीकरण का कार्य करना चाहते हैं, जबकि पुल का नया निर्माण होना चाहिए। अफसरों ने चार महीने पहले पुल की रेलिंग का निर्माण भी करवा दिया। शुक्रवार की रात एक ट्रक गिट्टियां लादकर अयोध्या की ओर जा रहा था। पुल पर ट्रक पहुंचते ही रेलिंग समेत नाले में गिर गया। इससे चालक दशरथ (35) व खलासी श्यामू (26) घायल हो गया। एसओ आरके पांडेय ने बताया कि खलासी व चालक को भर्ती कराया गया है।
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आए दिन गिरकर चुटहिल हो रहे लोग
रायबरेली-अयोध्या हाईवे का निर्माण कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे आए दिन लोग गिरकर चुटहिल हो जाते हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों में आशीष कुमार, पंकज द्विवेदी, आशीष विश्वकर्मा, रवींद्र कुमार ने बताया कि कहने को तो राजमार्ग को हाईवे का दर्जा मिल गया है, लेकिन हालत बद से बदतर हैं। एनएचएआई के परियोजना निदेशक अब्दुल बासिद का पक्ष जानने के लिए कई बार फोन मिलाया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।