केजीएमयू में गर्मी से परेशान मरीज और तीमारदार।
लखनऊ। केजीएमयू के क्वीनमेरी अस्पताल और पुराने रेडियोथेरेपी विभाग में मरीजों को भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है। दोनों विभागों में एसी खराब पड़े हैं, जिससे मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रेडियोथेरेपी विभाग में एक कैंसर मरीज बेहोश तक हो गया। वहीं, क्वीनमेरी के हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) में भर्ती महिलाओं को संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
केजीएमयू के पुराने रेडियोथेरेपी विभाग में स्थिति गंभीर है। कैंसर मरीजों को सिकाई के लिए यहां बुलाया जाता है। विभाग की पतली गैलरी और छोटे वेटिंग हॉल में अत्यधिक भीड़ रहती है। मरीजों और उनके तीमारदारों को खड़े होने की जगह तक नहीं मिलती। वेटिंग एरिया में लगे एसी जर्जर और बंद पड़े हैं, केवल इक्का-दुक्का पंखे ही चलते हैं।
शनिवार दोपहर में उमस के कारण एक कैंसर मरीज की तबीयत बिगड़ गई। वह वेटिंग एरिया में ही बेहोश हो गया। उसे आननफानन में बाहर लाया गया, जहां उसे होश आया। मरीजों को सिकाई के लिए पूरे दिन इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन से एसी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की गई है ताकि मरीजों को राहत मिल सके।प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताय कि खराब एसी प्लांट को ठीक कराया जा रहा है। वार्डों में गर्मी से बचाव के उचित प्रबंध किए जा रहे हैं
क्वीनमेरी में आठ एसी... चार खराब, बाकी भी नहीं कर रहे सही कूलिंग
क्वीनमेरी के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के एचडीयू-वेंटिलेटर यूनिट में आठ एसी लगे हैं। इनमें से चार खराब हैं। बाकी चार एसी भी ठीक से कूलिंग नहीं कर रहे हैं। भीषण गर्मी में वार्ड में उमस बढ़ रही है। इससे गंभीर मरीजों, विशेषकर ऑपरेशन के बाद भर्ती महिलाओं में संक्रमण का जोखिम बढ़ गया है। एचडीयू जैसे संवेदनशील क्षेत्र में तापमान काबू में रहना बेहद जरूरी होता है। गर्मी बढ़ने से मॉनिटर, वेंटिलेटर और अन्य जीवन रक्षक मशीनों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है। गर्म और बंद वातावरण कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों के लिए अधिक जोखिम भरा है।
केजीएमयू में गर्मी से परेशान मरीज और तीमारदार।
केजीएमयू में गर्मी से परेशान मरीज और तीमारदार।
केजीएमयू में गर्मी से परेशान मरीज और तीमारदार।