लॉकडाउन के बाद इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल आइटम्स दुकानें खुल गई तो गई हैं, लेकिन पिछले सीजन जैसा कारोबार न होने से कारोबारियों को एसी, कूलर, फिज, पंखे जैसे अप्लाएंस ऑनलाइन रेट पर बेचना पड़ रहा है। शोरूम पर आने वाला ग्राहक लौट न जाए, इसलिए एमआरपी पर पांच से 30 फीसदी छूट दी जा रही है। सबसे कम छूट पंखे पर पांच फीसदी तो सबसे ज्यादा एसी पर 30 फीसदी है। पिछले सीजन में 1500 रुपये में बिकने वाला पंखा 1425 रुपये में तो 40,000 का स्प्लिट ऐसी 28000 में मिल रहा है। कारोबारियों को एमआरपी की मैचिंग ऑनलाइन रेट से करानी पड़ रही है। कारोबारी एसी, कूलर, फ्रिज में फंसी पूंजी खाली कर जुलाई से सर्दियों में बिकने वाले अप्लाएंस गीजर व हीटर आदि का स्टॉक जुटाने की कोशिश शुरू करेंगे। यही वजह है कि पिछले साल जो कारोबार लगभग 750 करोड़ का हुआ था वह इस साल 400 करोड़ में सिमट गया है। सीधे तौर पर 40 फीसदी कारोबार का नुकसान हुआ है। यही नहीं अप्रैल से जून के सीजन में मनोरंजन के आइटम यानि टीवी, साउंड सिस्टम, स्पीकर की बिक्री इस बार ठप है।
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सतपाल सिंह मीत
- फोटो : amar ujala
स्मार्ट एलईडी लगाने का दौर खत्म
लखनऊ के लोगों ने मार्च से अपने घरों में स्मार्ट एलईडी लगवाना शुरू किया था, लेकिन लॉकडाउन से यह काम रुक गया। लॉकडाउन के बाद अब दुकानें तो खुलीं, लेकिन स्मार्ट एलईडी लगवाने का दौर खत्म हो चुका है, जबकि स्मार्ट एलईडी को मोबाइल से कनेक्ट कर उसका आनंद लिया जा सकता है। - सतपाल सिंह मीत कारोबारी व अध्यक्ष नाका हिंडोला परिक्षेत्र व्यापार मंडल
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तजिंदर सिंह
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नहीं बिक रही वाशिंग मशीन
वाशिंग मशीन एक ऐसा आइटम है जो साल के 12 महीने बिकता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। लॉकडाउन के बाद दुकानें खुलीं, पर वाशिंग मशीन खरीदना तो दूर कोई ग्राहक इसके बारे में पूछने के लिए भी शोरूम नहीं आ रहा है। कारोबारियों के पास कई रेंज की वाशिंग मशीन का स्टॉक लगा है। इसमें मोटी रकम फंसी है। - तजिंदर सिंह, कारोबारी नाका
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आनंद रस्तोगी
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एसी, कूलर बिक रहे पर मुनाफा नहीं
मुनाफा कमाने के लिए दिसंबर 2019 में एसी, कूलर, पंखे, फ्रिज व वाशिंग मशीन खरीदकर शोरूम में स्टॉक लगाया था। सोचा था कि अप्रैल से जून तक सब बिक जाएंगे, लेकिन लॉकडाउन ने बिक्री पर ग्रहण लगा दिया। अब तो जो ग्राहक आता है, उसे खरीद रेट पर ही बेच दे रहे हैं, ताकि फंसी पूंजी निकल आए। - आनंद रस्तोगी कारोबारी, पत्रकारपुरम गोमती नगर
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लवकुश राजानी
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बाल सेट करने की मशीन की डिमांड
लॉकडाउन खुलने के बाद सबसे ज्यादा मांग हेयर ट्रिमर मशीन की है। इस मशीन से लोग घर में ही दाढ़ी-बाल सेट कर लेते हैं। क्योंकि लोग अभी नाई की दुकान जाने से बच रहे हैं। बढ़ी मांग के चलते अधिकतर बाजारों में इस मशीन का स्टॉक खत्म हो गया। ब्रांडेड मशीन करीब 900 रुपये तो चीनी मशीन 300 रुपये की है। - लवकुश राजानी, कारोबारी भूतनाथ मार्केट इंदिरानगर
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राजेश सडाना
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पीक सीजन में भी मंदा है धंधा
इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिक अप्लाएंस के कारोबारियों के लिए अप्रैल से जून तक पीक सीजन होता है। अप्रैल लॉकडाउन में गुजर गया। मई में कुछ ही दुकानें खोलने का मौका मिला और जून में धंधा मंदा है। जून में सिर्फ कुछ ही कूलिंग आइटम जैसे फ्रिज और एसी बिक रहे हैं, लेकिन इनके बिकने की जो रफ्तार होनी चाहिए वह नहीं है। - राजेश सडाना, कारोबारी आलमबाग
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अतुल कुमार जैन
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एसी बिकने की रफ्तार घटी
पीक सीजन होने के बाद भी कोरोना के चलते एसी बिकने की रफ्तार बहुत घट गई है। क्योंकि चिकित्सकों की सलाह है कि एसी का कम से कम इस्तेमाल करें। इससे नए ग्राहक एसी नहीं खरीद रहे हैं, जबकि आमतौर पर गर्मी के बाद मानसूनी सीजन शुरू से पहले एसी बिकने की तादाद बढ़ जाती है । - अतुल कुमार जैन, कारोबारी डालीगंज
एमआरपी पर कितनी छूट
स्पिल्ट एसी 25 से 30%
विंडो एसी 20 से 25%
फ्रिज 15 से 20%
कूलर फाइबर 20 से 25%
आयरन कूलर 5 से 10%
पंखा 5 से 7%
एरिया व सबसे ज्यादा बिकने वाले अप्लाएंस
आलमबागः एसी, फाइबर कूलर, फ्रिज, पंखे
नाका: लोहे, फाइबर के कूूलर, पंखे, एसी
डालीगंज: लोहे, फाइबर कूलर और पंखे
भूतनाथ: फाइबर कूलर और पंखे, फ्रिज
पत्रकारपुरम: एसी, फाइबर कूलर और पंखे