लखनऊ। आवास विकास परिषद की अवध विहार योजना में एक बार फिर प्लॉटों के लिए पंजीकरण खुलने वाला है। फ्लैटों की कम मांग को देखते हुए परिषद पिछले साल की तरह अब फिर करीब 300 प्लॉट बेचेगी। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। इसके अलावा मध्यम आय वर्ग के लिए 100 मकान भी बनाए जाने की योजना है। नौ जून को होने वाली बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए लाया जा रहा है। इसके अलावा संपत्तियों के आवंटन, नीलामी और पंजीकरण की नई नियमावली, फर्जी रिफंड मामले में दोषी पाए गए रिटायर्ड कर्मचारियों पर कार्रवाई और चालू वित्तीय वर्ष के बजट सहित कई प्रमुख प्रस्ताव बोर्ड में लाए जा रहे हैं।
अवध विहार योजना में आवास विकास परिषद दो तरह के प्लॉटों का पंजीकरण खोलने की योजना लाने की तैयारी कर रही है। इसमें एक प्रीमियम प्लॉट योजना है, जिसमें सभी प्लॉट 300 वर्ग मीटर के होंगे। इस योजना की खासियत यह होगी कि इसकी अपनी बाउंड्री होगी। उसका प्रवेश द्वार होगा। योजना के अंदर बिजली, टेलीफोन और डीटीएच सहित सभी तरह के केबिल और पाइप लाइन भूमिगत होंगी। योजना में प्लॉट की कीमत का भुगतान भी एकमुश्त रखा जाएगा। इसमें 100 प्लाट बनाए जाने की योजना है। वहीं, दूसरी योजना नॉन प्रीमियम की होगी, जिसमें 75 वर्ग मीटर से लेकर 150 वर्ग मीटर तक के 200 प्लाट होंगे। इसके अलावा 100 मकानों का भी पंजीकरण खोले जाने की योजना बनाई जा गई है। फ्लैटों की बिक्री कम होने के बाद परिषद यह योजनाएं लाने वाली है।
नई आवंटन-पंजीकरण नीति को मिलेगी मंजूरी
बिना पैसा जमा किए ही आवंटन और फिर रिफंड लिए जाने का घोटाला सामने आने के बाद आवास विकास परिषद ने आवंटन नियमावली में बड़ा बदलाव किया है। इसमें आवंटन के बाद संपत्तियों का निरस्तीकरण कराना महंगा हो जाएगा। निरस्तीकरण पर पंजीकरण की पूरी राशि जब्त कर ली जाएगी। आवासीय के साथ ही अनावासीय संपत्तियों के आवंटन के नियमों में भी इसी तरह के बदलाव किए गए हैं। संपत्तियों के नामांतरण का शुल्क भी कम किए जाने की तैयारी है। कुछ संपत्तियों में किस्तों में लगने वाली ब्याज की दर को भी कम किया जा सकता है। उसका भी प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे अब नौ जून को होने वाली परिषद की बोर्ड बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाएगा।
ये प्रस्ताव भी आएंगे
- फर्जी रिफंड मामले मेें दोषी पाए गए रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन में कटौती
- परिषद के कम्यूनिटी सेंटर व कल्याण मंडप को संचालन के लिए ठेके पर दिए जाने का प्रस्ताव
- आउटसोर्सिंग के जरिये इंजीनियर, लेखाकार व अन्य संवर्ग के कर्मचारियों को रखे जाने का प्रस्ताव