आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह
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सदर तहसील के रजिस्ट्री ऑफिस के दलित लिपिक पर हमला करने के मामले में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया। स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट उत्कर्ष चतुर्वेदी ने उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तिथि नियत की है। मामला कोतवाली नगर से जुड़ा है।
शहर के गभड़िया निवासी और मौजूदा समय में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह पांच जून 2007 को सदर तहसील के रजिस्ट्री ऑफिस में अपने भाई के विवाह का रजिस्ट्रेशन कराने गए थे। रजिस्ट्री ऑफिस के दलित लिपिक राम सागर ने अभिलेख अपूर्ण होने पर उन्हें दोबारा आने को कहा था।
आरोप है कि संजय सिंह व उनके साथ गए दो अन्य आरोपियों ने लिपिक पर हमलाकर जातिसूचक शब्दों से उसे अपमानित किया था। कोतवाली नगर में लिपिक राम सागर की तहरीर पर पुलिस ने आप नेता संजय सिंह, गभड़िया निवासी अनिल द्विवेदी व शहर के निरालानगर निवासी आशुतोष सिंह व एक अज्ञात के खिलाफ हमला करने, दलित उत्पीड़न के अभियोग में मुकदमा दर्ज किया था।
विवेचक रहे तत्कालीन सीओ सिटी राम चरन ने 29 अगस्त 2007 को तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इसी मामले में बृहस्पतिवार को आप प्रवक्ता संजय सिंह ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट उत्कर्ष चतुर्वेदी की कोर्ट में आप नेता की जमानत पर सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता संदीप सिंह, मदन सिंह व अरविंद सिंह राजा ने बहस की। जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल सीएल दुबे ने मौका मांगा। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आप नेता को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए उनकी नियमित जमानत पर सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तिथि नियत की है।