जिला पंचायत सदस्य के सभी पदों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी आम आदमी पार्टी (आप) ने 448 उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी कर दी है। इस सूची में समाज के सभी वर्ग को मौका दिया गया है। इसमें कई जिला पंचायत सदस्य, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य, प्रधान, पूर्व प्रधान और महिलाओं के नाम शामिल हैं। सूची में सभी वर्ग के लोगों को शामिल कर जातिगत समीकरण साधने का भी प्रयास किया गया है।
आप के प्रदेश प्रभारी और सांसद संजय ने मंगलवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में उम्मीद्वारों की सूची जारी करने के बाद पत्रकारों को बताया कि 448 उम्मीद्वारों की सूची में 29 वर्तमान और एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य, 2 क्षेत्र पंचायत सदस्य, 14 वर्तमान व 7 पूर्व प्रधान, दो वकील, 30 सामाजिक कार्यकर्ता और एक डॉक्टर समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
इस मौके पर पार्टी की ओर से पंचायत चुनाव प्रभारी बनाए गए दिल्ली सरकार के कानून मंत्री राजेंद्र गौतम ने सभी उम्मीदवारों को बधाई दी और केजरीवाल मॉडल को हर घर तक ले जाने का आह्वान किया। आगामी विधान सभा चुनाव के पहले हो रहे पंचायत चुनाव को सेमीफाइनल बताते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि बड़ी संख्या में आप के उम्मीद्वार चुनाव जीतेंगे।
राज्य निर्वाचन से आज मिलकर रखेंगे बात
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पांच से अधिक लोगों के प्रचार पर पाबंदी लगाने के मुद्दे पर आप के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रचार के लिए भी पांच दिन का समय दिया जाना गलत है। इसलिए निर्वाचन आयुक्त से मिलकर वह अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष तो चुनाव प्रचार से रोकने के उद्देश्य से भाजपा के इशारे पर यह फरमान जारी किया गया है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस्तीफा दें सीएम
सरकार द्वारा 96 लोगों पर लगाए गए एनएसए को हाईकोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर निशाना साधते हुए संजय सिंह ने कहा कि इससे सरकार का चेहरा बेनकाब हो गया है। आप सांसद ने कहा कि सरकार की नीतियों की आलोचना करने वालों पर करीब 80 फीसदी मामले फर्जी दर्ज कराएं हैं। हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर उन्होंने मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देने की भी मांग की है।