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'आमिर की बेटी का रोल मुझे ऑफर ही नहीं हुआ'

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कंगना रनौत 'दंगल' फिल्म में आमिर खान की बेटी बनेंगी या नहीं। इस बारे में उन्होंने लखनऊ में आकर चुप्पी तोड़ दी। उनका जवाब चौंकाने वाला रहा। अमर उजाला के ऑफिस आईं कंगना ने कहा कि मुझे यह फिल्म कभी ऑफर ही नहीं हुई।
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यदि यह फिल्म मुझे ऑफर होती तो मेरे लिए यह एक सपना होता, जिसे मैं जीती। उन्होंने कहा कि कौन सी हीरोइन आमिर खान के साथ काम नहीं करना चाहेगी। हकीकत यह है कि आमिर की यह फिल्म मुझे ऑफर ही नहीं हुई तो छोड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

मीडिया ने ही मुझे यह फिल्म दिला दी और उसी ने यह घोषणा कर दी कि मुझे इस फिल्म से बाहर कर दिया गया है। आमिर खान या इस फिल्म से जुड़ी टीम ने मुझे कभी इस फिल्म के लिए एप्रोच नहीं किया।
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सिर्फ दसवीं तक ही पढ़ी हैं कंगना

दंगल फिल्म उनको न ऑफर होने के अलावा कंगना ने कुछ और खुलासे भी किए। कंगना ने बताया कि उनकी शिक्षा सिर्फ दसवीं तक है। बाद में उन्होंने स्क्रिप्ट राइटिंग का कोर्स किया। शायद यह बात आपको पता न हो कि 'तनु वेड्स मनु' के डायलॉग लिखने में कंगना की बड़ी भूमिका रही है।

'क्वीन' फिल्म में राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली कंगना अब इस बात से संतुष्ट हैं कि अब फिल्म इंडस्ट्री ने उनको गंभीरता से लेना शुरू किया है। राष्ट्रीय पुरस्कार उनके कैरियर को इस लिहाज से सरल बनाएगा कि उनको ऑफर होने वाली फिल्‍में बेहतर होंगी। अमर उजाला को दिए अपने विशेष इंटरव्‍यू में कंगना कई बार अपने कैरियर पर बात करते हुए भावुक हुईं।

कंगना ने कहा कि जब मैं इंडस्ट्री में आई तो दसवीं पास थी। जो कुछ सीखा यहीं से सीखा। मैं अपनी सीमाएं भी समझती हूं और क्षमताएं भी। मुझे कई बार लगता था कि मुझे इससे कहीं आगे होना चाहिए।

फिर जब समझ बढ़ी तो लगा कि मैं जहां हूं उसी को डिजर्व करती हूं। कंगना कहती हैं कि अगर मैं इतनी ही प्रतिभावान होती तो यहां तक पहुंचने में मुझे 9 साल नहीं लगते। 19 साल की लड़की से लेकर 28 साल की औरत में यह बदलाव एक दिन में नहीं आए। मैने हर रोज कुछ सीखा और इस सीखने की ही बदौलत मैं यहां पर हूं।

हीरोइन अभी भी कम मेहनत करती है

इंडस्ट्री की कुछ हीरोइनें इस बात की शिकायत कर रही हैं कि उन्हें हीरो के बराबर काम करने के बावजूद फीस हीरो जितनी नहीं मिलती। क्या कंगना इस बात से सहमत हैं? इस प्रश्‍न के जवाब में कंगना कहती हैं यह सच है कि आज फिल्में बदल रही हैं।

हीरोइन की भूमिका भी बड़ी हो रही है, लेकिन ऐसा कुछ ‌फिल्मो में है। आज भी ज्यादातर फिल्मों को हीरो ही लीड करता है। शूटिंग में उसको ज्यादा समय देना होता है। जाहिर है कि उसका मेहनताना हीरोइन के मेहनताने से ज्यादा ही होगा। हां जिन फिल्मों को एक्ट्रेस लीड करती है उनमें जरूर हीरो के बराबर पैसे मिलने चाहिए।

कंगना क्वीन, कहानी, मैरी कॉम, एनएच 10 और पीकू फिल्मों के उदाहरण भी देती हैं। उनका कहना है कि यदि फिल्म ऐसी हों तो निश्चित ही हीरोइन की फीस हीरो जितनी ही होनी चाहिए।

हां मैने डर्टी पिक्चर ठुकराई थी

'रासकल्स' या कंगना की कम चली फिल्मों से जुड़े आए एक प्रश्न के जवाब में कंगना ने कहा कि हमें पहले पता नहीं होता कि कौन सी फिल्म चलेगी या नहीं? यह पता होता तो सबकी सब फिल्में सफल होतीं। कंगना ने कहा कि मुझे ही देखिए मैंने डर्टी पिक्चर जैसी एक बड़ी फिल्म ठुकराई थी। यदि उस फिल्म में होती तो शायद मुझे इसका बहुत लाभ मिलता।

निर्देशक के साथ कंफर्ट जोन के सवाल पर कंगना ने कहा कि मैंने अनुराग बसु और आनंद एल राय के साथ सबसे ज्यादा फिल्में कीं। अनुराग के साथ मेरी फिल्में कैरियर के शुरुआती समय पर थीं तब हम यह सोचते ही नहीं थे कि निर्देशक के साथ कंफर्ट जोन क्या होता है। अब लगता है कि आनंद के साथ मेरे घर जैसे संबंध हैं।
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रिवील किया फिल्म का रोल

बातचीत में कंगना ने अपनी आने वाली फिल्म तनु वेड्स मनु रिटर्न्स की कुछ-कुछ कहानी भी रिवील कर दी। कंगना ने बताया कि फिल्म के ट्रेलर में दिख रहीं दो लड़कियां वाकई अलग-अलग हैं। एक लड़की तनुजा त्रिवेदी कानुपर की है और दूसरी लड़की कुसुम सांगवान हरियाणा की है।

तनु की शादी मनु से हो चुकी है। लेकिन चूंकि तनु और मनु दोनों का मिजाज अलग-अलग है इसलिए हालात तलाक जैसे हैं। तनु अपने घर कानपुर लौट आती है। इसके बाद फिल्म में कुसुम की एंट्री होती है। कुसुम का रोल किस तरह का है इस प्रश्‍न के जवाब में कंगना सिर्फ मुस्कुरा देती हैं।
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