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दिल्ली फतह के बाद अब आप की नजर यूपी पर, संभावनाएं तलाशने की मुहिम शुरू: आप नेता संजय सिंह

Mon, 17 Feb 2020 02:21 PM IST
ishwar ashish सैयर यासिर रजा/अमर उजाला, लखनऊ
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संजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली फतह से गदगद आम आदमी पार्टी (आप) अगले सप्ताह से यूपी में अपनी संभावनाएं तलाशने की मुहिम शुरू करने जा रही है। रणनीति यह है कि दिल्ली विधानसभा के लिए ‘आप’ के चुने गए यूपी के रहने वाले 12 विधायकों के जरिये प्रदेश में जगह-जगह केजरीवाल के विकास मॉडल पर चर्चा कराई जाए। एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने लखनऊ आए पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में यह बात कही।
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उन्होंने बताया कि यूपी में पार्टी को मजबूत करने की तैयारी है। इसकी रणनीति तय करने के लिए 23 फरवरी को लखनऊ के गांधी भवन में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी। मिस्ड कॉल, स्टॉल लगाकर और पार्टी की वेबसाइट के जरिए सदस्य बनाएंगे। अभी यूपी में 85 हजार सदस्य हैं। हाल ही में राष्ट्र निर्माण के लिए पार्टी से जुड़े अभियान में यूपी के 1 लाख 16 हजार लोगों ने मिस्ड कॉल दी है। यह उत्साहजनक है।

संजय ने कहा कि उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया यूपी के हापुड़ के मूल निवासी हैं। मंत्री सत्येंद्र जैन बागपत, इमरान गाजियाबाद और गोपाल राय मऊ के रहने वाले हैं। इनके अलावा खलीलाबाद बस्ती के अखिलेश त्रिपाठी, आगरा के राजेश ऋषि, गिरीश सोनी व दिनेश मोहनिया, गाजीपुर के दिलीप पांडेय, मेरठ के अमानतुल्लाह खां, मैनपुरी की प्रीति तोमर और गाजियाबाद के कुलदीप मोनू विधायक चुने गए हैं।
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नफरत की हुई हार

एक महीने में इन सभी विधायकों के गृह जिलों में स्वागत समारोह होंगे। इनमें केजरीवाल के विकास मॉडल और काम की राजनीति पर चर्चा होगी। दिल्ली से सटे यूपी के जिलों में विशेष फोकस रहेगा। यूपी विधानसभा चुनाव पर मुख्य ध्यान दिया जाएगा।

संजय सिंह ने कहा कि चुनाव में गृहमंत्री अमित शाह के अलावा भाजपा के 300 सांसद, पूरी कैबिनेट, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, पूरी बीजेपी और आरएसएस लगा। नफरत फैलाने की पराकाष्ठा हुई, पर भाजपा को केवल 8 सीटें मिलीं।

इससे साबित होता है कि हिंदुस्तान आज भी भाईचारे में यकीन रखता है, नफरत में नहीं। पाकिस्तान-हिंदुस्तान की बात करने वालों को जवाब मिल गया कि हिंदुस्तान जीत गया। कौन पाकिस्तान है, यह भाजपा खुद तय कर ले। 
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बदली राष्ट्रवाद की परिभाषा

संजय सिंह ने कहा कि पूरे चुनाव में भाजपा के लोग चिल्लाते रहे शाहीनबाग-शाहीनबाग, जनता ने कहा चल भाग-चल भाग। चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री का नाम न लेने के बारे में उन्होंने कहा कि यह विधानसभा का चुनाव था। हमने स्थानीय मुद्दों और पांच साल में जो काम किए थे, उन्हें महत्व दिया।

आप के प्रभारी ने कहा, पार्टी ने दिल्ली में राष्ट्रवाद को नए तरीके से परिभाषित किया। जब तक शिक्षित राष्ट्र नहीं होगा, जब तक स्वस्थ राष्ट्र नहीं होगा। जब तक इंसान मजबूत नहीं होगा तब तक राष्ट्र मजबूत नहीं हो सकता। दिल्ली में काम की राजनीति की जीत हुई। देश की राजधानी से यह संदेश गया कि जो लोग अच्छे स्कूल, अच्छे अस्पताल बनाएंगे, बिजली-पानी पर काम करेंगे, जनता उनके साथ खड़ी होगी।
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