मामला सरकार की जानकारी में आया तो आधार नंबर के बिना भुगतान न करने का फैसला किया गया। तय हुआ कि श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड के माध्यम से आधार नंबर को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए श्रीट्रॉन को प्रति विद्यार्थी 15 पैसे का भुगतान किया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में श्रीट्रॉन से एग्रीमेंट फाइनल हो गया है। इसके लिए श्रीट्रॉन ने यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) से नियमानुसार मंजूरी मांगी है। जैसे ही यूआईडीएआई से हरी झंडी मिलेगी, छात्रों को ऑनलाइन आधार नंबर देने के निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।