राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना अब पूरी तरह से आधार पर आधारित (सीडेड) होगी। इस योजना में गड़बड़ियों की शिकायत के बाद राज्य सरकार ने यह फैसला किया है। इस योजना में परिवार के कमाऊ मुखिया का निधन होने पर 30 हजार रुपये की एकमुश्त मदद दी जाती है। बशर्ते मुखिया की उम्र 60 वर्ष से कम हो। हाल ही में चित्रकूट में रिकॉर्ड में हेराफेरी कर इस योजना का लाभ लेने के मामले सामने आए हैं। बलरामपुर में भी हुई हेराफेरी की जांच कराई जा रही है।
कुछ समय पहले ‘अमर उजाला’ ने इस योजना में भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। इसके बाद ही बलरामपुर और चित्रकूट में जांच का निर्णय किया गया। सरकार ने इस योजना को पारदर्शी बनाने के लिए इसे आधार सीडेड करने का निर्णय किया है। यानी आवेदन ऑनलाइन होगा। आवेदक की ऑनलाइन फॉर्म डिटेल और आधार कार्ड की डिटेल मैच होने पर ही फॉर्म स्वीकृत होगा।
समाज कल्याण विभाग और राजस्व विभाग के कर्मियों को डिजिटल साइन से रिपोर्ट लगानी पड़ेगी, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न बचे। अगर गलत रिपोर्ट लगाई जाए तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी तत्काल पकड़ में आ जाएं। शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना को पारदर्शी बनाने के सिलसिले में शीघ्र ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक होगी।
वर्ष लाभार्थी भुगतान की गई रकम
2017-18 86,002 258 करोड़ रुपये
2018-19 1,07,154 321.46 करोड़ रुपये
2019-20 1,46,526 439.68 करोड़ रुपये