लखनऊ। गुडंबा के जनेश्वर अपार्टमेंट के फ्लैट में काम करने वाली युवती ने फ्लैट मालिकों पर सात दिन तक बंधक बनाकर पीटने, जबरन शराब पिलाने और जातिसूचक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है। पुलिस के कार्रवाई न करने पर पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर गुडंबा पुलिस ने बुधवार को एफआईआर दर्ज की है।
वीरपुर माल निवासी देविका पासी के अनुसार, उन्हें और अन्य लोगों को पहले शालीमार बिल्डिंग, आईआईएम रोड मड़ियांव में घरेलू काम के लिए रखा गया। करीब छह महीने पहले उन्हें गुडंबा स्थित जनेश्वर अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 1203 और 1206 में काम पर भेजा गया। आरोप है कि फ्लैट की मालकिन प्रियंका सिंह कुछ दिनों के लिए बाहर गई थीं। 26 जुलाई 2025 को लौटने पर उन्होंने लॉकर से नकदी और गहने गायब होने की बात कही। इसके बाद चोरी का आरोप लगाते हुए वहां काम करने वाले युवक-युवतियों को बंधक बना लिया गया। आरोप है कि 26 जुलाई से दो अगस्त तक सभी को कमरे में बंद कर बेल्ट व डंडों से पीटा गया और जबरन शराब पिलाई गई। किसी तरह मौका मिलने पर उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाकर अपने भाई को भेजा और मदद मांगी।
पीड़िता ने बताया कि उनकी मां सुखदेई ने दो अगस्त 2025 को पुलिस आयुक्त से शिकायत की थी, जहां से मामला एसीपी कार्यालय होते हुए गुडंबा थाने भेजा गया। आरोप है कि पुलिस ने तत्काल मेडिकल न कराकर अगले दिन आने के लिए कहा और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। देविका के मुताबिक तीन अगस्त को थाने पहुंचने पर पता चला कि फ्लैट मालकिन की ओर से चोरी की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। इसके बाद उन्होंने बलरामपुर अस्पताल में अपना मेडिकल कराया। इंस्पेक्टर गुडंबा प्रभातेश श्रीवास्तव ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्रियंका सिंह, उनके पति देवेंद्र श्रीवास्तव और सौम्या भट्ट के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।