लखनऊ। लेनदेन के विवाद में युवक को अगवा करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने अपहरण करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक जयपुर की लक्ष्मी कॉलोनी सीतापुरा निवासी लोकेश मीणा ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में उनकी गाड़ी छीनकर दोस्त सुमित को अगवा करने की एफआईआर दर्ज कराई थी।
डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में लोकेश ने जौनपुर निवासी विनोद यादव और उसके साथियों पर आरोप लगाया था। छानबीन के दौरान पुलिस ने सोमवार को किसान पथ के किनारे निजामपुर मझिगवां से काली स्कॉर्पियो गाड़ी से सुमित को सकुशल बाहर निकाला। सुमित भी जयपुर के चक घाटी मीणों का बाडबस्सी, कानोता का रहने वाला है।
पुलिस ने जौनपुर के सिंगरामऊ, सिंघावल निवासी विनोद कुमार यादव, सुल्तानपुर के कुड़वार स्थित पूरे कालू पाठक का पुरवा निवासी सौरभ पाठक और जौनपुर के सिंगरामऊ निवासी मोहम्मद ताबिश खान को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से तमंचा और छीनी गई कार बरामद की गई है। पूछताछ में सुमित ने बताया कि 27 दिसंबर को आरोपियों ने उसे अगवा किया था। आरोपी लोकेश और उसके घरवालों को फोन कर लगातार रुपयों की मांग कर रहे थे।
पांच लाख रुपये का विवाद आया सामने
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोकेश मीणा के दोस्त हैं। पूर्व में लोकेश ने किसी काम के लिए विनोद से पांच लाख रुपये लिए थे। आरोपी बार-बार लोकेश से रुपयों की मांग कर रहे थे, लेकिन वह हर बार टालमटोल कर देता था। रुपये वापस लेने के लिए आरोपियों ने योजना के तहत 27 दिसंबर को लोकेश को लखनऊ बुलाया था और अयोध्या घुमाने की बात कही थी। लोकेश के साथ उसका परिचित सुमित भी गाड़ी से साथ आया था।
सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में विनोद ने लोकेश से मुलाकात की और अपने रुपये वापस मांगे। इसपर लोकेश ने इन्कार कर दिया। इसके बाद विनोद की लोकेश से कहासुनी हो गई। नाराज विनोद और उसके साथियों ने लोकेश की गाड़ी से ही उनका और सुमित का अपहरण कर लिया और अपने साथ लेकर जाने लगे। इसी दौरान लोकेश मौका पाकर गाड़ी से कूदकर भाग निकला। दबाव बनाने के लिए आरोपी सुमित को अपने साथ जौनपुर लेकर चले गए।
दो दिन तक साथ में लेकर घूमते रहे आरोपी
सुमित ने बताया कि दो दिन तक आरोपी उसे अपने साथ लेकर इधर-उधर घूमते रहे। आरोपियों ने लोकेश के अलावा सुमित के घरवालों को भी फोन कर रुपयों की मांग की थी। रकम नहीं मिलने पर आरोपी लोकेश की तलाश में वापस लखनऊ आए थे, जिन्हें पुलिस ने दबोच लिया। विनोद के खिलाफ लखनऊ, जौनपुर और प्रतापगढ़ के अलग-अलग थानों में कुल नौ एफआईआर दर्ज हैं।
विनोद कुमार यादव।
विनोद कुमार यादव।