बेहोश युवक को निकालने के लिए कार का शीशा तोड़ते लोग।
नगराम। अगर आप भी ठंड में कार चलाते वक्त लंबे समय तक ब्लोअर चालू रखते हैं तो सावधान हो जाएं। शुक्रवार को निगोहां में कार में ब्लोअर चलाकर घर लौट रहे मीरकनगर गांव के सरवन अचानक बेहोश गए। कस्बा चौकी इंचार्ज अनूप तिवारी ने लोगों की मदद से कार का शीशा तोड़ कर उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी जान बच गई।
कस्बे में शुक्रवार दोपहर सड़क के बीच एक कार खड़ी दिखी। लोग इसके पास पहुंचे तो ड्राइविंग सीट पर युवक बेहोशी की हालत में दिखा। खबर पाकर चौकी इंचार्ज अनूप तिवारी भी पहुंच गए। दरोगा व लोगों ने कार का शीशा खटखटाया, पर अंदर कोई हलचल नहीं हुई। पिछली सीट का शीशा तोड़ा तो चालक बेहोशी की हालत में मिला। दरोगा ने उसे फौरन अस्पताल पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद होश में आए युवक सरवन ने बताया कि वह मोहनलालगंज से घर की तरफ जा रहे थे। रास्ते में अचानक बेहोश हो गए। खबर पाकर सरवन के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने पुलिस व स्थानीय लोगों को धन्यवाद दिया।
बंद कार में ब्लोअर चलाना हो सकता है खतरनाक
विशेषज्ञों के अनुसार बंद कार में लंबे समय तक ब्लोअर चलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भर जाती है। यह जानलेवा साबित हो सकती है। लोगों से अपील है कि कार में ब्लोअर का इस्तेमाल कम करें और समय-समय पर शीशे खोलते रहें।