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Lucknow News: पद्मभूषण पंडित साजन के सुरों से सजी कार्यशाला

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पद्मभूषण पंडित साजन के सुरों से सजी कार्यशाला
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लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में चल रही चार दिवसीय गायन कार्यशाला के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को राग तोड़ी की प्रचलित बंदिशें सिखाई गईं। शास्त्रीय गायक पद्मभूषण पंडित साजन मिश्रा के सुरों से सुजान सभागार गूंजता रहा और सुरों की महक में विद्यार्थी मग्न नजर आए। राज दरबार, लंगर कंकरिया एवं बलमा मोरा रंग रंग रलिया जैसी बंदिशों ने वातावरण को संगीतमय बना दिया।
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जब कार्यशाला के दूसरे सत्र में वृंदावनी सारंग की बंदिशें तू ही रब तू ही साहिब एवं लंगरहिया हम संग न करो... से राग की मधुरता, स्वर विन्यास एवं लयात्मक प्रस्तुतियां पेश कीं। साथ ही, राग जौनपुरी पर केंद्रित प्रशिक्षण देते हुए बड़े खयाल बाजे झननन पायलिया, राज दुलारी डोले अंगनवा और छोटे खयाल भोर कहीं मिलन भइलवा, प्यारे कन्हाई न मारो कंकरिया... का अभ्यास कराया। तराना एवं काशी के बसइया जैसे गीतों से विद्यार्थियों को विविध गायन शैलियों से परिचित कराया।
इसके अलावा बंदिशों की संरचना, राग विस्तार की पारंपरिक विधियों और स्वर-साधना की महत्ता पर प्रकाश डाला। पंडित साजन की गायकी में परंपरा और नवाचार का अद्भुत संतुलन, आलाप की गहराई, तानों की स्पष्टता एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति की विशेष छाप देखने को मिली। कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में कार्य परिषद के निर्णय एवं विद्यार्थियों की मांग को देखते हुए पंडित साजन मिश्रा जैसे सुप्रसिद्ध कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। गायन विभागाध्यक्ष प्रो. सृष्टि माथुर कार्यशाला का संयोजन कर रही हैं।
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