लखनऊ। दुबग्गा में बीमारी से परेशान रानी रावत ने बृहस्पतिवार ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। इसके अलावा तालकटोरा के राजाजीपुरम निवासी आशु शंकर बाजपेई ने बुधवार रात फंदा लगाकर जान दे दी।
दुबग्गा के मुलवीखेड़ा गांव निवासी रानी रावत (44) ने बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे पुराना दुर्गागंज चौराहा के पास रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। अंधे की चौकी इंचार्ज बीपी सिंह के मुताबिक रानी का चार महीने पहले पेट का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद से वह मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रही थीं। उनका इलाज भी जारी था।घटना के समय परिवार के सदस्य घर पर थे। उनके परिवार में पति नरेश रावत, दो बेटे सचिन और अमित, बेटी शशि हैं। इसके अलावा तालकटोरा के राजाजीपुरम डबल पुलिया निवासी आशु (40) ने बुधवार को घर की सीढ़ियों की रेलिंग से रस्सी के सहारे फंदा लगा लिया। परिजन उन्हें रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि आशु काफी समय से बेरोजगार थे और इसी के चलते उन्होंने आत्महत्या की है। उनके परिवार में पत्नी आकांक्षा, एक बेटा और बेटी हैं।